
sangam city
इलाहाबाद: विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर संगम नगरी में "संगम वॉक" की शुरुआत की गई। कमिश्नर डॉ आशीष गोयल ने हरी झण्डी दिखाकर संगम वॉक के पहले दल को रवाना किया। इस मौके पर कमिश्नर डॉ आशीष गोयल ने भी 23 विदेशी पर्यटकों के साथ संगम वॉक शुरू किया गया। कमिश्नर द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर संगम वॉक का ब्रोशर भी जारी किया। उन्होंने कहा है कि संगम वॉक की शुरुआत से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को प्राचीन संगम नगरी की धार्मिक, एतिहासिक तथ्यों की जानकारी मिल सकेगी । दुनियां भर से आने वाले तमाम पर्यटकों को यहाँ की धरोहर और मान्यताओं से रूबरू कराया जा सकेगा।
पहली बार शुरू हुए संगम वॉक में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को शंकर विमान मंडपंम,बड़े हनुमान मंदिर, किले में स्थित अक्षयवट वृक्ष, पाताल पुरी और संगम के दर्शन और भ्रमण कराया जायेगा। कमिश्नर डॉ आशीष गोयल के मुताबिक कुम्भ से पहले हैरिटेज वॉक और फूड वॉक शुरु करने की भी योजना है। हैरिटेज वॉक में जहां संगम नगरी के प्राचीन और पौराणिक मंदिरों और ऐतिहासिक महत्व की धरोहरों की सैर करायी जायेगी। वहीं फूड वॉक में तरह.तरह से ब्यंजनों का लुत्फ पर्यटक और श्रद्धालु ले सकेंगे। इसके साथ ही जनवरी 2019 में लगने वाले कुम्भ मेले के दौरान भी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कुम्भ मेला वॉक कराया जायेगा। जिससे लोग कुम्भ मेले के बारे में अधिक से अधिक जान सकेंगे।
कमिश्नर के मुताबिक कुम्भ से पहले वॉक शुरु करने के लिए टूरिस्ट गाइड को ट्रेनिंग भी दी जायेगी। उन्होंने कहा है कि इससे जहां संगम नगरी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। वहीं टूरिस्ट गाइड के रुप में स्थानीय लोगों और संगम क्षेत्र में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से भी कई लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया की इसके लिए लगभग एक हजार गाइड को ट्रेंड किया जायेगा। कुंभ से पहले शुरू हुआ संगम वाक स्थायी तौर पर चलते रहेगा। और वर्ष भर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसका लाभ मिलेगा।
आगामी कुंभ के चलते संगम नगरी में बड़ी तादाद पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आना है।इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा अलग अलग तरह की योजनाएं शुरू की जा रही है।जिसमें शुरू हुआ संगम वॉक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज शुरू हुआ संगम वॉक शहर के अन्य स्थलों पर होते हुए शाम को संगम तक की गंगा आरती के साथ समाप्त होगी।जिसका विजुअल मिला प्राधिकरण और प्रशासन के आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोड किया जाएगा।साथ ही वेबसाइट पर टूरिस्ट गाइडों का नंबर भी दर्ज किया जाएगा।दिन से संपर्क करके आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु शहर में घूम सके और शहर के ऐतिहासिक धार्मिक महत्व को जान सकें।
Published on:
27 Sept 2018 05:03 pm
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