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‘मुझे बचा लो!’ हादसे के बाद अतीक के बेटे अबान के आखिरी शब्द, चश्मदीद ने बताई आंखों देखी

Aban Ahmed: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। चश्मदीद के अनुसार हादसे के बाद अबान के आखिरी शब्द मुझे बचा लो थे।
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Atiq Ahmed Son Aban Dies

हादसे के बाद अतीक के बेटे अबान की मौत- फोटो पत्रिका नेटवर्क

Atiq Ahmed Son Aban Dies In Road Crash: गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ कार से जेल में बंद अपने बड़े भाई से मिलने के लिए जा रहे थे। उनकी कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई, इस हादसे में उनके एक दोस्ती की भी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य घायल हो गए। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि गाड़ी हवा में कई फीट उछल गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, गाड़ी के मलबे हाईवे पर करीब 40 फ़ीट तक फैल गए।

कार का दरवाजा तोड़कर लोगों को बाहर निकाला

पुलिस के अनुसार, अबान अपने चार दोस्तों के साथ अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहे थे, जो झांसी जेल में बंद हैं। वह आगे की पैसेंजर सीट पर बैठे थे, जबकि मोहम्मद जैद गाड़ी चला रहे थे। क्षतिग्रस्त कार के अंदर सवार लोग फंस गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों ने दरवाज़े तोड़कर बाहर निकाला। अबान और उनके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। मोहम्मद जैद, उमर अहमद और असलम घायल हो गए, जिनको झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है।

हादसे की वजह को लेकर अलग-अलग बातें

जांचकर्ता हादसे की कई संभावित वजहों की जांच कर रहे हैं। चश्मदीद दीपक यादव ने दावा किया कि हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया, जिससे बचने के लिए ड्राइवर ने गाड़ी बाईं ओर मोड़ी। गाड़ी मुड़ते ही सामने एक मोटरसाइकिल आ गई, जिससे ड्राइवर को अचानक एक और पैंतरा बदलना पड़ा और गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई।

हालांकि, हादसे में बचे घायल उमर अहमद ने मीडिया को बताया कि हाईवे पर पड़ी एक ईंट से टकराने के बाद SUV बेकाबू हो गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि हल्की बारिश के कारण सड़क गीली थी और तेज़ रफ़्तार भी हादसे की एक वजह हो सकती है।

चश्मदीद ने बचाव कार्य के बारे में बताया

हादसे की जगह पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में से एक दीपक यादव ने बताया कि कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा लग रही थी। जाम हो चुके दरवाज़ों को नहीं खोल पाने पर उन्होंने पुलिस को फोन किया। गाड़ी को खोलने के लिए पास के एक घर से लोहे की रॉड मंगवाई। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को उन्होंने सबसे पहले बचाया, उसने अपना नाम अबान बताया और बेहोश होने से पहले गुहार लगाई, 'मुझे बचा लो।' पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई और बाकी लोगों को बचाने में मदद की।

अबान के शव को पोस्टमार्टम के लिए झाँसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा। उम्मीद है कि शुक्रवार को उसे प्रयागराज में उसके पिता अतीक अहमद के पास दफ़नाया जाएगा।