
देश में आए दिन धर्म परिवर्तन कराने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसी कड़ी में रायबरेली के ब्लॉक क्षेत्र खैरहनी गांव स्थित मकान के एक बंद कमरे में धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। यहां लखनऊ के रहने वाले तीन ईसाई समुदाय के युवक और युवतियों द्वारा गांव के ही कुछ लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने वहां पहुंचकर इसका विरोध जातया। लेकिन धर्म परिवर्तन कराने आए युवक उन्हें ही समझाने लगे जिससे ग्रामीण आगबबूला हो गए। उन्होंने तुरंत मौके पर सूचना बजरंग दल के संयोजक रणवीर सिंह और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सुनील द्विवेदी, श्रीश चौधरी, नीरज चौरसिया को दी।
धार्मिक प्रतिमाओं पर अभद्र टिप्पणी भी की
बताया जाता है कि सूचना पाकर मौके पर बजरंग दल के लोग वहां पहुंचे। यहां उन्होंने देखा कि एक बंद कमरे में सैकड़ों लोगों को इकठ्ठा करके उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए समझाया जा रहा है और परेशान व गरीब ग्रामीणों को गरीबी व परेशानी बीमारी से निजात दिलाने के नाम पर धर्म परिवर्तन कर अपराध कराया जा रहा है। वहीं धर्म परिवर्तन कराने आए युवक और युवतियां और मकान मालिक द्वारा धार्मिक प्रतिमाओं पर अभद्र टिप्पणी भी कर रहे थे।
पुलिस ने मौके से पांच को हिरासत में लिया
उधर, गांव में धर्म परिवर्तन कराने की सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने बंद कमरे में धर्म परिवर्तन कराने आए विक्रम कश्यप, गजराज कश्यप और नेहा कश्यप निवासी 279/8 पानदरीबा चारबाग लखनऊ, व मकान मालिक लवकुश जायसवाल व दुर्गेश पुत्र रजलाल निवासी खैरहनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए युवकों के पास से पुलिस टीम ने चार बाइबल अन्य ईसाई समुदाय की पुस्तकें, रजिस्टर व अन्य उपकरण भी बरामद किए है।
अभियुक्तों से पूछताछ के बाद जेल भेज दिया
इंस्पेक्टर जगदीश यादव ने बताया कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की ओर से उन्हें लिखित तहरीर मिली है। उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर पांच लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
Updated on:
12 Jul 2022 08:45 am
Published on:
12 Jul 2022 08:44 am
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