
राय बरेली. देश में जहां बैंकों के घोटालों का मामला लगातार सामने आ रहे हैं और घोटालों को करने वाले बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों के कारण होने का मामला बताया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जनता अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा वह अपने बैंकों में ही ज्यादातर रखते हैं। अभी हाल में ही में पीएनबी बैंक का घोटाला आया और कानपुर में यूनियन बैंक में डकैती पड़ी, जिसमें करीब 40 लॉकर टूट गए थे ,वह आम जनता जो अपनी मेहनत के पैसे इन बैंकों में संजो कर रखती है। क्या सरकार और बैंकों की जिम्मेदारी नहीं होती कि उस पैसे का रखने का सही उपाय की जिम्मेदारी उठाएं।
इसी तरह का मामला एक रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र का आया है। जहां एक किसान का पैसा उसका मोबाइल नंबर बदलकर 11 बार ट्रांजेक्सन कर लिया गया। अब वह दर-दर की ठोकरें खाते फिर रहा है। क्या वह किसान जीवन में अब दोबारा बैंक पर विश्वास जल्दी कर पाएगा, इस पर सरकार को भी सोचना होगा साथ ही बैंक के कर्मचारियों को भी आगे ध्यान देना होगा।
अबतक बैंको में धोखाधड़ी करके आम उपभोक्ताओं का पैसा हडप करने की अनेक घटनायें प्रकाश में आयीं, लेकिन बैंक आफ बड़ौदा की गेगासो स्थित शाखा में जो हुआ वह किसी को भी आश्चर्य मे डाल सकता है। इस घटना में बैंक कर्मचारियों की साँठ-गाँठ करके खाते के साथ पंजीकृत खाताधारक का मोबाइल नम्बर ही बदल दिया गया और फिर मनमाने ढंग से रकम स्थानान्तरित की गयी। बेखौफ जालसाजों ने जब ग्यारह बार में एक लाख एकहत्तर हजार रुपये अन्य खातों में स्थानानतरित किये, तो बैंक मुख्यालय से खाताधारक के पते पर चिट्ठी आ गयी। इस चिट्ठी के बाद ही खाता धारक को पता चला कि उसकी रकम हड़प ली गयी है।
जालसाजी करके आम आदमी के खाते से पैसा उडाने की यह घटना बैंक आफ बडौदा की गेगासो स्थित शाखा मे हुयी है।ग्राम चन्दू का पुरवा (तेजगाँव) थाना सरेनी निवासी राधाकृष्ण बाजपेई का खाता बैंक की उक्त शाखा मे स्थित है। उनके खाता संख्या 22790100012378 के साथ उनका मोबाइल नम्बर 7376173642 पंजीकृत है। राधाकृष्ण के मुताबिक बैंक कर्मियों ने पहले उनका मोबाइल नम्बर खाते से हटा दिया फिर नया नम्बर जोड़ दिया। बाद में पच्चीस जनवरी से बारह फरवरी के बीच ग्यारह बार में कुल एक लाख एकहत्तर हजार रुपये अन्य खातों मे स्थानान्तरित किये गये।
इस स्थानान्तरण की जानकारी राधाकृष्ण को इसीलिए नहीं मिली क्योंकि उनका मोबाइल नम्बर पहले ही बदल दिया गया था। राधाकृष्ण के मुताबिक उनके खाते से जब कम समय मे इतनी अधिक रकम स्थानान्तरित हुयी तो बैंक ऑफ बड़ौदा के मुम्बई स्थित प्रधान कार्यालय से उनको सूचना दी गयी। इस सूचना के बाद उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुयी है।
खाताधारक राधाकृष्ण ने जब बैंक शाखा पहुंच कर मामले की शिकायत की तो बैंक शाखा प्रबन्धक व अन्य स्टाफ ने पूरे मामले से पल्ला झाड लिया।काफी हो हल्ला करने के बाद बैंक ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।करीब पौने दो लाख की चोट खाये खाताधारक राधाकृष्ण ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस व बैंक प्रशासन से की है।राधाकृष्ण की शिकायत के मुताबिक बैंक में पंजीकृत मोबाइल नम्बर को बिना खाता धारक की अनुमति के बदल देना इस धोखाधडी की पूर्व नियोजित साजिश का गवाह है।नम्बर बदलना बिना बैंक अफसरों की सहमति के सम्भव नहीं। उन्होंने शिकायती पत्र में एक बैंक मित्र व स्टाफ को इस धोखाधडी का जिम्मेदार ठहराते हुये न केवल अपना पैसा वापस कराने की मांग की है बल्कि दोषी लोगों पर अपराधिक कार्रवाई का भी निवेदन किया है।
कोतवाल सरेनी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एक मामला पैसा निकलने का आया है। बैंक मैनेजर 26 फरवरी 2018 तक जाँच करके बताएंगे। इसके बाद ही जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
Published on:
22 Feb 2018 02:00 pm
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