
Raigarh News: आदिवासी बालक आश्रम अंजोरीपाली में 8 वीं कक्षा का एक छात्र फिसलकर गर्म माड़ के उपर गिर गया। इसके कारण वह काफी झुलस गया। घटना के बाद उच्च अधिकारियों को सूचना दिए बगैर प्राथमिक उपचार कराकर बच्चे को घर भेज दिया गया।
ग्राम चोढ़ा के नाम से खुले आदिवासी बालक आश्रम का संचालन पिछले लंबे समय से अंजोरीपाली में हो रहा है। उक्त आश्रम में 108 बच्चे रहकर अध्यापन कर रहे हैं। बीते रविवार को उक्त आश्रम में रह रहा कक्षा 8वीं का छात्र अक्षय राठिया ग्राम भिभउडीहा निवासी पानी पीने के लिए रसोई में गया था। जहां लापरवाही पूर्व फेंके हुए गर्म माड़ में बच्चे का पैर पड़ने के कारण वह फिसलकर जहां गर्म माड़ फेका गया था। उसी के उपर गिर गया। इसके कारण बच्चे का शरीर के पीछे का हिस्सा काफी जल गया।
इस घटना के बाद रसोई में कार्य कर रहे कर्मचारियों ने बच्चे को उठाकर बाहर लेकर आए। व अधीक्षक को इसकी सूचना दिए। अधीक्षक ने छात्र के परिजनों को सूचना देने के साथ ही साथ उपचार के लिए खरसिया के पद्मावति अस्पताल लेकर पहुंचा। हालांकि वहां पहले से परिजन पहुंचे हुए थे प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों के साथ बच्चे को घर जाने के लिए छोड़ दिया गया। इतनी बड़ी घटना की भनक न तो मंडल संयोजक को लगी न ही विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना मिली, तो मंडल संयोजक मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक घायल छात्र तो घर जा चुका था।
मौके पर जाकर भी नहीं की जांच
आश्चर्य की बात तो यह है कि घटना के दूसरे दिन सोमवार को मंडल संयोजक दीपक सिदार को किसी अन्य माध्यम से सूचना मिली और मंडल संयोजक मौके पर पहुंचा, लेकिन मौके पर किसी प्रकार का न तो जांच किया गया न ही घटना के कारणों को जानने का प्रयास किया।
मुझे अधीक्षक ने सूचना नहीं दी गई थी। किसी अन्य माध्यम से सूचना सोमवार को मिली थी। जब मैं आश्रम पहुंचा तो बच्चा प्राथमिक उपचार के बाद घर पहुंच गया था। मैंने दूरभाष से बच्चे का हाल-चाल जानने के साथ उपचार की जरूरतों के बारे में पूछा। -दीपक राठिया, मंडल संयोजक, खरसिया
Published on:
13 Mar 2024 05:26 pm
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