
लूट की कहानी गढ़ता, इससे पहले ही पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी, एक लाख 69 हजार रुपए को तालाब से किया बरामद
रायगढ़. गुड़ाखू फैक्ट्री का कर्मचारी मालिक के दो लाख रुपए को गबन कर पुलिस के समक्ष लूट की कहानी गढ़ता, इससे पहले ही खरसिया पुलिस ने आठ घंटे में ही मामले को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उससे नकदी रकम जब्त कर उसके खिलाफ अमानत में खयानत के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।
शनिवार की दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेसवार्ता लेकर मामले का खुलासा करते हुए एएसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि खरसिया बावनपाली स्थित अविनाश गुड़ाखू फैक्ट्री में रूपेश शर्मा (25) एकाउंटेंट का काम करता है। 12 दिसंबर की दोपहर एकाउंटेंट रूपेश शर्मा ने फैक्ट्री के कर्मचारी अमित बारा (26) निवासी ग्राम खूंटीटोली जतरीपाली थाना दुलदुला जिला जशपुर हाल मुकाम भगवानपुर को फैक्ट्री का पेमेंट एक लाख 84 हजार पांच सौ रुपए लेने के लिए राधे ट्रेडर्स सक्ती अपनी बाइक और एक बैग देकर भेजा था।
अमित बारा करीब 2.30 बजे रूपेश शर्मा को फोन पर बताया कि पेमेंट एक लाख 84 हजार पांच सौ रुपए मिल गया है। इसके बाद तब रात तक अमित बारा रकम लेकर वापस नहीं आया तो रूपेश ने उसके मोबाइल पर कॉल किया। लेकिन अमित ने अपने फोन को अपने साथी मुकेश दास मंहत के नंबर पर फारवर्ड कर दिया था। ऐसे में एकाउंटेंट रूपेश शर्मा को रुपए के अफरा-तफरी की आशंका हुई और उसने 13 दिसंबर की देर रात पुलिस चौकी खरसिया में घटना की सूचना देते हुए अमित बारा के खिलाफ अमानत में खयानत का का रिपोर्ट दर्ज कराया। जिस पर पुलिस ने संदेही के खिलाफ धारा 406 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था।
इस तरह हुआ मामले का खुलासा
घटना के बाद पुलिस की टीम सक्रिय हो गई और संदेही के पतासाजी के लिए मुखबिर का जाल भी बिछाया गया। इस दौरान पुलिस की टीम आरोपी के दुलदुला जशपुर स्थित घर और रायगढ़ के भगवानपुर स्थित घर में भी उसकी पतासाजी कर रही थी और उस पर नजर बनाए हुई थी, तभी पुलिस को लगा कि कहीं आरोपी के साथ रास्ते में लूट जैसी कोई वारदात तो नहीं हो गई, जिस वजह से वह गुड़ाखू फैक्ट्री रुपए लेकर नहीं पहुंचा।
इस बीच पुलिस को पता चला कि आरोपी रायगढ़ आते दिखा है। तब पुलिस को लगा कि अगर संदेही के साथ कोई घटना घटी होती तो वह या तो पहले अपने मालिक को फोन करके घटना के बारे में बताता या फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आता, लेकिन वह रायगढ़ तरफ आया है। इसके बाद पुलिस ने चंद घंटों में ही आरोपी को भगवानपुर स्थित उसके निवास से हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा सख्ती पूछताछ करने पर संदेही ने बताया कि मोटी रकम के लालच में आकर उसने योजना बनाई थी कि फैक्ट्री में जाकर रुपए लूट हो जाने की कहानी बताएगा वहीं मालिक के रुपए को स्वयं गबन कर लेगा, लेकिन आरोपी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका।
शनिवार को पहुंचता रिपोर्ट लिखाने
पुलिस को आरोपी ने बताया कि वह शनिवार की सुबह खरसिया चौकी लूट की घटना की रिपोर्ट लिखाने पहुंचता। इसलिए उसने पहले से ही पूरी प्लानिंग कर ली थी। वहीं रूपेश शर्मा की बाइक को भी जानबूझ कर गिरा दिया था, ताकि यह पुलिस और मालिक को यह कह सके कि अज्ञात आरोपी उसका एक्सीडेंट करके उसके पास रखे रुपए को लूट लिए हैं। अगर ऐसा होता तो पुलिस की मुश्किलें और बढ़ जाती। क्योंकि पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर उस ऐंगल में जांच के लिए चली जाती। ऐसे में गुमराह होने से पहले ही पुलिस ने मामले को सुलझा लिया।
तालाब में छिपा कर रखा था नकदी रकम
पुलिस द्वारा नकदी रकम के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि उसने 15 हजार रुपए को खर्च कर दिया है। वहीं बाकी एक लाख 69 हजार पांच सौ रुपए को शुक्रवार की रात करीब 12 बजे सुनसान होने पर भगवानपुर कृष्णानगर तलाब में झाडिय़ों के किनारे, जहां पानी कम गहरा था वहां प्लास्टिक में लपेट कर फेंक दिया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मेमोरंडम पर नकदी रकम को तालाब के पानी से बाहर निकाल कर उसे जब्त किया है। वहीं आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे जल्द ही रिमांड में भेजने की बात कही जा रही है।
Published on:
14 Dec 2019 07:24 pm
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