
रायगढ़. शहर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पार्किंग को लेकर अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने १२ बैंक और 10 विवाह घर संचालकों को नोटिस थमाया था। इस नोटिस में सात दिवस के भीतर पार्किंग व्यवस्था का जवाब देने निर्देश दिया गया था। यह मियाद समाप्त हो चुकी है। इस नोटिस के जवाब में संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के द्वारा पार्किंग व्यवस्था करने के बजाए समय मांगा गया है। वहीं विभाग के अधिकारी भी कार्रवाई करने की बजाए समय देने की तैयारी में है। इस तरह इस मामले में लीपापोती कर ठंडे बस्ते मेें भी डालने की आशंका है।
शहर की यातायात व्यवस्था काफी खराब है। इसके पीछे काफी हद तक ऐसे प्रतिष्ठान संचालक भी हैं, जिन्होंने व्यवसायिक प्रतिष्ठान तो बना लिया लेकिन उन प्रतिष्ठानों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की। ऐसे में इन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में आने वाले वाहन सड़क पर खड़े किए जाते हैं। इससे यातायात की व्यवस्था बद से बदतर हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए यातायात विभाग ने पहल की। इस पहल में यातयात विभाग ने ऐसे स्थानों को चिहिंत किया, जहां आए दिन जाम की समस्या निर्मित होती है।
इसके लिए लगातार शहर में मानीटरिंग की। इस दौरान कई स्थान चिन्हांकित किए गए। इसके बाद यातयात विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के पार्किंग व्यवस्था की जानकारी ली। निगम के द्वारा दी गई जानकारी में यह बात सामने आई कि संबंधित प्रतिष्ठानों ने कागज में पार्किंग की सुविधा तो बताई है। वहीं जब मौका निरीक्षण किया गया तो यह बात उजागर हुई कि निगम को पार्किंग सुविधा के लिए जो स्थान बताया गया था उसका अन्य उपयोग किया जा रहा है।
यह मामला उजागर होने के बाद नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की ओर से संबंधितों को नोटिस जारी किया गया। इसमें 12 बैंक व 10 विवाह घर शामिल थे। इन प्रतिष्ठान संचालकों को सात दिन के भीतर पार्किंग की व्यवस्था करने का समय दिया गया था। वहीं नोटिस में यह स्पष्ट था कि यदि प्रतिष्ठान संचालकों के द्वारा पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जाती है तो विभाग स्वयं पार्किंग स्थान पर अन्य उपयोग के लिए किए गए निर्माण को तोड़ा जाएगा। वही इसमें आने वाले खर्च को संबंधित प्रतिष्ठान से वसूल किया जाएगा, लेकिन अब मामले में नरमी बरती जा रही है। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों की ओर से नोटिस के जवाब में समय दिए जाने की बात कही गई है।
पुलिस ने जगाया तो जागे दोनों विभाग
पार्किंग सुविधा को लेकर नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के साथ नगर निगम की भी होती है। संबंधित विभाग का यह दायित्व होता है कि वह मौके निरीक्षण करे। वहीं यदि पार्किंग स्थल का अन्य उपयोग किया जा रहा है तो इसकी नोटिस तत्काल जारी करे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यातायात विभाग के अधिकारियों ने जब सर्वे करते हुए इसकी पूरी जानकारी तैयार की तब नगर निगम व नगर तथा ग्राम निवेश विभाग इस मामले को लेकर सक्रिय हो सके।
कागजों में ही पार्किंग
कागजों में पार्किंग व्यवस्था को लेकर रामबाग मैरिज गार्डन कोतरा रोड, मंगलम् गौशाला चौक, नीलांचल केवड़ाबाड़ी रोड, रेड क्वीन ढिमरापुर रोड, कोटल आर्शीवाद, राजवाड़ा मैरिज गार्डन कार्मेल स्कूल के पास, जलसा बोईरदादर, ईडन गार्डन मैरिज हॉल चक्रधर नगर, अघरिया सदन कोतरा रोड में पार्किंग नहीं है।
लंबे समय से अव्यवस्था अब मांग रहे समय
खास बात यह है कि व्यवसायिक स्थान संचालित करने के लिए प्रतिष्ठान संचालकों के द्वारा पार्किंग के लिए जो जमीन दर्शायी थी, उसका अन्य उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति लंबे समय से है। अब जब विभाग नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के द्वारा नोटिस जारी किया गया तो और समय मांगा जा रहा है। ऐसे में संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों की पार्किंग सुविधा दुरुस्त करने की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बात की चर्चा है कि यदि संबंधितों के द्वारा पार्किंग सुविधा करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया था, लेकिन संचालक समय लेकर इसे ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी में है।
इन बैंक प्रबंधनों को दी गई है नोटिस
सड़क जाम होने की स्थिति को लेकर स्टेट बैंक केवड़ाबाड़ी, एडीबी, चक्रधर नगर, चक्रधर नगर, आईडीबीआई बैंक ढिमरापुर रोड, सेंट्रल बैंक हण्डी चौक, केनरा बैंक, विजया बैंक हण्डी चौक, देना बैंक ढिमरापुर रोड, एक्सिस बैंक ढिमरापुर रोड,अपेक्स बैंक गांधी प्रतिमा चौक, भारतीय जीवन बीमा निगम सत्तीगुड़ी चौक, कार्पोरेशन बैंक ढिमरापुर चौक को नोटिस जारी किया गया है।
Published on:
15 Apr 2018 01:45 pm
बड़ी खबरें
View Allरायगढ़
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
