
CG News: विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर डी प्रशांत कुमार, व डॉक्टर वंदना पटेल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोईंग में पदस्थापना दी गई थी। इसी प्रकार सिविल अस्पताल खरसिया में डॅा सौरभ अग्रवाल और दीपिका अग्रवाल को पदस्थापना दी गई थी। पदस्थापना के बाद कुछ समय तक उक्त डॉक्टरों ने कार्य किया, लेकिन उसके बाद से ये नदारद हो गए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया है कि डॉ डी प्रशांत कुमार 11 नवंबर 2021 से तो वंदना पटेल 31 मई 2020 से स्वास्थ्य केंद्र में सेवा नहीं दे रहे थे। वहीं सिविल अस्पताल खरसिया में पदस्थापना के बाद भी डॉ सौरभ अग्रवाल 28 दिसंबर 2020 से तो डॉक्टर दीपिका अग्रवाल 12 मई 2021 से सेवा नहीं दे रहे थे।
जिला स्तर पर सीएमएचओ कार्यालय से संबंधित डॉक्टरों को कई बार पत्राचार के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो इसकी जानकारी शासन को भेजी गई। पिछले लंबे समय से उक्त मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में इस मामले को लेकर जांच चल रही थी। पिछले दिनों अंतिम सुनवाई के लिए मौका दिया गया। अंतिम सुनवाई में कोई स्वयं उपस्थित होकर तो कोई किसी अन्य माध्यम से जवाब पेश किए।
जवाब के प्रतिपरीक्षण के बाद शासन ने लंबे समय से अनुपस्थित ऐसे सभी डॉक्टरों के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण सेवा नियम के तहत कार्रवाई करते हुए अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों द्वारा त्यागपत्र देना मानकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
जिले में स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल है। यहां पदस्थ 4 चिकित्सा अधिकारी लंबे समय से नदारद हैं। इसमें से र्कोई 3 साल से नदारद है तो कोई 5 साल से गायब है। जिसके कारण इन स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न रहते हुए भी नई पदस्थापना नहीं हो पा रही थी। ऐसे में लंबे समय से अनुपस्थित 4 चिकित्सकों की सेवा समाप्त की गई है।
बीएमएओ लोईंग, डॉ. हितेश जायसवाल: लोईंग में डॉ डी प्रशांत और वंदना पटेल लंबे समय से अनुपस्थित तो चल रहे थे। इसको लेकर जिला स्तर से शासन को कार्रवाई के लिए गया था। कार्रवाई की जानकारी मिली है, लेकिन आदेश नहीं मिल पाया है।
CG News: ग्रामीण क्षेत्र में प्रायवेट डॉक्टर न होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सिविल अस्पताल के भरोसे ही मरीज रहते हैं। ऐसी स्थिति में यहां पदस्थापना करने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था। कागजाें में इनकी पदस्थापना होने के कारण नई पदस्थापना में भी रोड़ा आ रहा था।
लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टरों की सेवा समाप्त होने के बाद विभाग के रिकार्ड में अब यहां चिकित्सा अधिकारी का उक्त पद फिर से रिक्त हो गया जिसके कारण अब नई पदस्थापना होने से मरीजों को इसका लाभ मिल पाएगा।
Updated on:
30 Jan 2025, 4:50 PM IST
Published on:
30 Jan 2025, 4:50 PM IST
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