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Chakradhar Samaroh 2025: भाव, लय और ताल का संगम, चक्रधर समारोह में नित्या की अनोखी प्रस्तुति

Chakradhar Samaroh 2025: रायगढ़ जिले में चक्रधर समारोह के 9वें दिन कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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Chakradhar Samaroh 2025: भाव, लय और ताल का संगम, चक्रधर समारोह में नित्या की अनोखी प्रस्तुति(photo-patrika)

Chakradhar Samaroh 2025: भाव, लय और ताल का संगम, चक्रधर समारोह में नित्या की अनोखी प्रस्तुति(photo-patrika)

Chakradhar Samaroh 2025: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चक्रधर समारोह के 9वें दिन कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सतना मध्यप्रदेश की बाल कलाकार नित्या शर्मा ने चक्रधर समारोह 2025 के मंच पर अपनी कथक प्रस्तुति से विशेष पहचान बनाई। भगवान गणेश की वंदना से प्रारंभ हुई प्रस्तुति में भाव, लय और ताल का ऐसा समन्वय देखने मिला जिसने प्रस्तुति को खास बना दिया। इस बाल कलाकार की कला को देखकर दर्शकों ने भरपूर सराहना की।

Chakradhar Samaroh 2025: गणेश वंदना से सजी नित्या शर्मा की कथक

इसी तरह चक्रधर समारोह के मंच पर राष्ट्रीय कथक बाल नृत्यांगना यामी वैष्णव और साथियों ने अपनी अनुपम प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, सारंगढ़ की छात्रा यामी मात्र चार वर्ष की उम्र से कथक साधना कर रही हैं।

उन्हें कथक की शिक्षा अपनी गुरु मां प्रीतिरुद्र वैष्णव एवं पं. सुनील वैष्णव से मिली है। प्राचार्य एल डी वैष्णव के सानिध्य में रायगढ़ घराने की विशेष बोलो की बंदिशों और तालों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यामी ने मंच पर कथक नृत्य की गहन बारीकियों को प्रस्तुत किया।

दर्शकों ने की जमकर सराहना

कथक नृत्य यामी को नृत्य आचार्य पंडित फिरतु महाराज की पांचवी पीढ़ी के रूप में विरासत से प्राप्त हुई है। कथक नृत्य जगत में रायगढ़ घराने की पहचान को आगे ले जाते हुए यामी को अब तक कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समान मिल चुका है।

चक्रधर समारोह के मंच पर कथक नृत्यांगना युग रत्नम ने शिव स्तुति की मनोहारी प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। नृत्य की हर मुद्रा और भाव में भक्ति का गहन स्वरूप दिखाई दिया, जिसने वातावरण को शिवमय बना दिया। रायगढ़ घराने से संबंध रखने वाली युग रत्नम बचपन से ही कथक की साधना कर रही हैं।