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आखिर ऐसा क्या हुआ कि डेंगू को लेकर चर्चा करने कलेक्टोरेट पहुंचे कांग्रेसी बैठ गए धरने पर, पढि़ए खबर…

- डेंगू की रोकथाम करने के 5 सूत्रीय सुझाव लेकर गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे कांग्रेसी कलक्टर के पास पहुंचे थे।

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आखिर ऐसा क्या हुआ कि डेंगू को लेकर चर्चा करने कलेक्टोरेट पहुंचे कांग्रेसी बैठ गए धरने पर, पढि़ए खबर...

आखिर ऐसा क्या हुआ कि डेंगू को लेकर चर्चा करने कलेक्टोरेट पहुंचे कांग्रेसी बैठ गए धरने पर, पढि़ए खबर...

रायगढ़. डेंगू के दस्तक की आशंका के साथ ही शहर का माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर गुरुवार को कांग्रेसी कलक्टर से मुलाकात करने पहुंचे थे, ताकि उन्हें पांच सूत्रीय सुझाव दे सके, लेकिन कांग्रेसियों के मुलाकात की बजाए अधिकारी टाल-मटोल रवैया अपनाने लगे। इससे भड़के कांग्रेसी कलक्टोरेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

इस बात को लेकर कांग्रेसियों व एडीएम संजय दीवान के बीच बहस की स्थिति भी निर्मित हुई। इस दौरान कांग्रेसियों का यह भी कहना था कि डेंगू से किसी की जान जाती है तो इसका जिम्मेदार प्रशासन ही होगा। वहीं अव्यवस्था में सुधार नहीं होने पर कांग्रेस सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी।

शहर में डेंगू के दस्तक के बीच मेकाहारा में दो पीडि़तों का उपचार करवाया जा रहा है। डेंगू की रोकथाम करने के ५ सूत्रीय सुझाव लेकर गुरुवार की सुबह करीब ११ बजे कांग्रेसी कलक्टर के पास पहुंचे थे। इस दौरान टीएल बैठक की वजह से कलक्टर उनसे मुलाकात नहीं कर सकी। ऐसे में कांग्रेसियों ने अपर कलक्टर रामटेके को ज्ञापन सौंपा, लेकिन मामले में कलक्टर से चर्चा किए जाने की बात कही। ऐसे में अपर कलेक्टर ने उन्हें शाम के समय बुलाया। शाम करीब पांच बजे कांग्रेसी फिर कलक्टोरेट पहुंचे।

इस समय भी कलक्टर ने कांग्रेसियों से मुलाकात नहीं की। ऐसे में कांग्रेसी कलक्टोरेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान एडीएम संजय दीवान कांग्रेसियों से मुलाकात करने पहुंचे। वहीं एडीएम के द्वारा कांग्रेसियों के सुबह सौंपे गए ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा गया कि विभागीय अधिकारियों से डेंगू को लेकर लंबी चर्चा हुई है। वहीं इसके लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिया गया है।

वहीं जब कांग्रेसियों ने यह पूछा कि मौजूदा समय में मेकाहारा में कितने डेंगू पीडि़त अस्पताल में भर्ती हैं तो एडीएम इस सवाल पर गोलमोल जवाब देने लगे। ऐसे में कांग्रेसियों को यह समझते देर नहीं लगी कि जिला प्रशासन इस साल भी डेंगू को हलके में ले रहा है। वहीं इस बात को लेकर एडीएम व कांग्रेसियों के बीच वाद-विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई।

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वहीं कांग्रेसियों का यह कहना था कि यदि डेंगू से एक भी मौत होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं कांग्रेसियों ने यह भी कहा कि यदि डेंगू को लेकर चल रही खानापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती है तो कांग्रेसी सड़क पर उतर कर आंदोलन करेगी। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामा के बाद कांग्रेसी शांत पड़े। लेकिन इस दौरान काफी गहमा-गहमी रही।

भाजपाइयों से मिलने में नहीं था गुरेज- कांग्रेस
डेंगू के मामले को लेकर ही नगर निगम के भाजपा पार्षद व भाजपा के अन्य पदाधिकारी कलक्टर से मुलाकात करने पहुंचे थे। यह मुलाकात गुरुवार को ही की गई, इस दौरान कलक्टर ने भाजपा के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान भाजपाइयों ने भी विभिन्न मांगों का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा, लेकिन कांग्रेस प्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं की। ऐसे में कुछ कांग्रेसी यह भी आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मिलने से परहेज किया गया।

इधर दो लोगों के डेंगू से पीडि़त होने की पुष्टि
बीते बुधवार को डेंगू से पीडि़त होने वाले दो मरीजों को मेकाहारा में दाखिल किया गया था। इसमें जूटमिल लेबर कालोनी के राकेश ठाकुर व वार्ड क्रमांक १३ शिवा नगर के राजेश यादव हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। वहीं इसके बाद गुरुवार को दोनों मरीजों का एलाइजा मशीन में जांच की गई, इस जांच के दौरान दोनों मरीजों को डेंगू होने की बात सामने आई। इसकी पुष्टि स्वयं प्रभारी सीएचएमओ टीके टोंडर द्वारा की गई है। वहीं पत्रिका ने डेंगू वार्ड में मिर्गी के मरीजों को भर्ती किए जाने का मामला भी उठाया गया था। इस बात पर प्रभारी सीएचएमओ का कहना था कि उक्त ५० नंबर कक्ष से भी अन्य मरीजों को हटाते हुए डेंगू के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

प्रतिदिन जारी हो डेंगू बुलेटिन
डेंगू को लेकर शहर में अजीब स्थिति बन रही है, कोई खुलकर बोल नहीं रहा है। प्रशासन इस बात का निर्देश मीडिया को दे रहा है कि जब तक डेंगू की सही जानकारी नहीं तो तब तक समाचार प्रकाशित नहीं किया जाए। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि प्रशासन की ओर से ही सही जानकारी क्यों नहीं जारी की जा रही है। जब प्रतिदिन जिले में बारिश का आंकड़ा जारी हो रहा है तो डेंगू की आशंका से सहमे इस शहर के लोगों के लिए इससे संबंधित मेडिकल बुलेटिन क्यों नहीं जारी किया जा रहा है। पिछले साल काफी संख्या में लोग डेंगू से पीडि़त थे, लेकिन इसकी जानकारी छिपाई गई। यह जानकारी न केवल मेकाहारा में छिपाई गई बल्कि शहर के निजी अस्पतालों को भी मना कर दिया गया।

-डेंगू को लेकर शांति पूर्वक कलक्टर से मुलाकात करने गए थे, लेकिन सुबह मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में शाम के समय मुलाकात करने पहुंचे, लेकिन इस समय भी जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा टालमटोल किया गया। डेंगू से मौत होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी- जयंत ठेठवार, अध्यक्ष, जिला कांग्रेस

-शहर में डेंगू की आशंका के बीच दिशा और निर्देश से कुछ नहीं होने वाला है। पिछले साल भी ऐसा ही निर्देश-निर्देश खेला गया था। परिणाम सबके सामने है। अब तो यही लग रहा है कि पिछले साल से कोई सीख नहीं ली गई है। पिछले साल डेंगू को फांसी दी गई थी, इस साल गली-गली डेंगू को फांसी देंगे- अनिल अग्रवाल, प्रदेश सचिव