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दो दिनों तक हुई बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था हुई बदहाल

0 शहर में दर्जनों पेड़ गिरने के कारण पूरी रात लाईट रही बंद0 ग्रामीण क्षेत्रों मेेंं करीब १५० जगहों में पेड़ व डंगाल गिरने की सूचना

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दो दिनों तक हुई बारिश से जिले की बिजली व्यवस्था हुई बदहाल

रायगढ़. दो दिनों तक लगातार बारिश होने से जहां गर्मी से निजात मिल गई तो वहीं बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो गई थी। जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को पूरी रात लाईट बंद रही, वहीं सुधार कार्य के बाद रायगढ़ शहर में सुबह करीब ४ बजे तक बिजली व्यवस्था बहाल की गई, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को देर शाम तक काम चलता रहा।
उल्लेखनिय है कि मंगलवार शाम से जिले में बारिश शुरू हुई थी, जो कभी धीरे तो कभी तेज बारिश होते रहा, इस दौरान बरसात के बीच बुधवार शाम को तेज अंधड़ शुरू हो गया, जिससे कोतरारोड के दोनों सब स्टेशनों में लगा पावर ट्रांसफार्मर में अचानक खराबी आ गया, जिससे आधे शहर की लाईट गुल हो गई, इस दौरान विद्युत कर्मचारी उसका सुधार कार्य कर ही रहे थे, कि रात करीब ९-१० बजे के बीच तेज हवा चलने के कारण शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पेड़ गिरना शुरू हो गया, जिससे शहरी क्षेत्र में करीब ५० से ६० जगहों में कहीं पेड़ तो कहीं डंगाल बिजली खंभा व तारों पर गिर गया, जिससे पूरी रात शहर अंधेरा में डूबा रहा। ऐसे में विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भरी बरसात के बीच बिजली व्यवस्था सुधार करने का प्रयास करते रहे, लेकिन ज्यादा मात्रा में क्षतिग्रस्त होने के कारण इसके सुधार में पूरी रात लग गई। वहीं अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को शाम को कोतरारोड सब स्टेशन के ४० एमबीए पावर ट्रांसफार्मर तथा कोतरारोड १३२ केवी सब स्टेशन में अचानक खराबी आ गई, जिसका स्थानीय स्तर पर सुधार कार्य किया जा रहा था, लेकिन फाल्ट पकड़ में नहीं आने के कारण इसकी सूचना ट्रांसमिशन कंपनी को दी गई, जिससे गुरुवार को सुबह बिलासपुर व भिलाई से टीम आने के बाद शाम करीब ५ बजे तक सुधार कार्य किया गया तब जाकर बिजली सप्लाई हो सकी। वहीं बिजली विभाग द्वारा शहर में बिजली सप्लाई के लिए वैकल्पिक तौर पर शहरवासियों को राहत पहुंचाने के लिए रात करीब दो बजे धांगरडीपा संजय मैदान से २२० केवी का तार खींचकर कोतरारोड सब स्टेशन में ले जाया गया, जिससे सुबह करीब ४ बजे शहर में बिजली सप्लाई चालू हुई। ऐसे में बुधवार शाम से लेकर गुरुवार शाम तक करीब २४ घंटे तक काम करने के बाद शहर में पहले की तरह बिजली सप्लाई शुरू हुई है।
शहर के इन जगहों में पेड़ गिरा
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार से लगातार हो रही बरसात के चलते मिट्टी गिली हो गई और बुधवार शाम को तेज हवा चलते ही शहरी क्षेत्र में करीब ५० से ६० जगहों में पेड़ व डंगाल गिरने से कहीं तार टूट गए थे, तो कहीं खंभा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते पूरी रात लाईट बंद रही, इस दौरान शहर के पंजरी प्लांट में पेड़ गिरा, पक्की खोली में ११ केवी तार पर पेड़ गिरा, बाबाधाम फीटर में पेड़ गिरा, सीटी-४ में लोचननगर, कौहाकुंडा में पेड़ गिरा, बोईरदादर मोदीनगर में पेड़ गिरा, इंदिरानगर बस स्टैंड के पास पेड़ गिरा, चक्रधरनगर फीडर में पेड़ गिरा, गोरखा फीडर के पास तथा अन्य कई जगहों में पेड़ व डंगाल गिरने की शिकायत आई थी। जिसके चलते पूरी रात परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण क्षेत्रों में आई खराबी
खरसिया, कुसमुरा, कोडातराई, एडू, पुसौर, लोईंग, धरमजयगढ, घरघोड़ा, लैलूंगा, क्षेत्र में करीब १०० से १५० जगहों में पेड़ गिरने से पूरी रात अंधेरा छाया रहा। हालांकि विभागी कर्मचारियों द्वारा पूरी रात सुधार कार्य किया जाता रहा, जिसके बाद सुबह तक कुछ जगहों में बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। वहीं करीब दर्जनभर जगहों में गुरुवार देर शाम तक लाईट शुरू हो पाई। ऐसे में करीब 30 घंटे की बारिश ने जिले में तबाही मचा दी।
बिलासपुर व भिलाई से पहुंची टीम
बुधवार शाम को हवा-बारिश के बीच कोतरारोड सब स्टेशन के ४०एमबी पावर ट्रांसफार्म व कोतरारोड १३२ केवी सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाने के कारण आधे शहर की लाईट बंद हो गई थी, जिसे सुधार के लिए स्थानिय स्तर पर प्रयास किया गया, लेकिन नहीं हो पाने के कारण इसकी सूचना ट्रांसमिशन कंपनी को दी गई। जिससे बिलासपुर व भिलाई से 9 लोगों की टीम गुरुवार को भोर में पहुंची, जिससे इनके द्वारा उसका सुधार कार्य शुरू किया गया, लेकिन जो गुरुवार शाम करीब ५ बजे तक काम चलने के बाद सुधार हो सका, जिसके बाद यहां से बिजली सप्लाई शुरू हुई।
वर्जन
आंधी-बारिश के बीच शहर में करीब ५० से ६० जगहों में पेड़ व डंगाल गिरने के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसे लगातार २४ घंटे तक मेहनत करने के बाद सुधार कार्य किया गया है।
सुनील साहू, ईई, शहरी सीएसईबी
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग सभी फीटर में मिलाकर १०० से १५० जगहों में पेड़ गिरा है। जिसे कुछ जगहों में रात में ही सुधार कार्य कर लिया गया तो कुछ जगहों में पूरे दिन काम करने के बाद देर शाम तक बिजली सप्लाई चालू किया गया है।
गुंजन शर्मा, ईई, ग्रामीण सीएसईबी