18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Breaking : हाथी ने ली एक की जान, मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने बरसाए चप्पल, जान बचाकर भागी टीम, देखें वीडियो…

- हंगामे के बने हालात, जमकर हुई नारेबाजी, वन विभाग का दैनिक वेतन भोगी था मृतक

3 min read
Google source verification
हाथी ने ली एक की जान, मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने बरसाए चप्पल, जान बचाकर भागी टीम

हाथी ने ली एक की जान, मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने बरसाए चप्पल, जान बचाकर भागी टीम

रायगढ़/कुड़केला। धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथी ने एक बार फिर एक व्यक्ति की जान ले ली है। ऐसे में आक्रोशित ग्रामीणों ने धरमजयगढ़ हाटी मार्ग को जाम कर दिया और जोरदार नारेबाजी करने लगे। इसी बीच मौके पर छाल पुलिस और वन अमले की टीम पहुंची। ग्रामीणों का गुस्सा इतना था कि एक ग्रामीण वहां पहुंचे अमले पर अपनी चप्पल लेकर टूट पड़ा। ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता देख मौके से वन अमला और पुलिस की टीम गायब हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार की शाम चार से पांच बजे के बीच कुदमुरा गांव का निवासी अनूप यादव पिता ईश्वरी यादव उम्र लगभग 30 साल के आसपास अपनी बाइक पर सीमेंट लेकर धरमजयगढ़ से लौट रहा था। इसी दौरान जब वह धरमजयगढ़ खरसिया मार्ग के टिहरीसराई गांव यानि आरएफ क्रमांक 562 और पीएफ क्रमांक 554 के जंगल के पास पहुंचा तो उसका सामना एक हाथी से हो गया।

अचानक सामने आए हाथी को देखकर वो हड़बड़ा गया इसके बाद भागने की कोशिश की पर वो भाग नहीं सका और हाथी ने उस पर हमला कर दिया। ऐसे में अनूप की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। वहीं हाथी के गुस्से का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अनूप को मौत की घाट उतारने के बाद उसने उसकी बाइक को भी कुचल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार मृतक वन विभाग में ही डेली वेजेज पर कार्यरत था।

Read More : डीएफओ चेंबर में हंगामा मामले में इनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत, एसडीओ ने लगाए ये आरोप
कुछ देर बाद घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो आसपास के गांव के ग्रामीण जिसमें सिथरा आदि शामिल हैं वो मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इसी बीच मामले की जानकारी वन अमले को भी हुई और पुलिस को भी हुई। थोड़ी देर बाद मौके पर वन अमला और पुलिस की टीम पहुंच गई।

मौके पर पहुंचे अमले को ग्रामीणों के गुस्से और आक्रोश का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को इस प्रकार से प्रदर्शन करता देख अमले की ओर से इस बात की समझाइश ग्रामीणों को दी गई कि शव को यहां से उठाने दो, आप लोग हाटी चलो वहां पर प्रदर्शन कर लेना, क्योंकि शाम ढल रही है और हाथी भी आसपास ही घूम रहा है इससे खतरा और भी बढ़ जाएगा। ऐसे में ग्रामीण भड़क गए और वो अपनी चप्पल लेकर अमले पर टूट पड़ा, हालांकि बीच-बचाव कर लिया गया और बात आगे नहीं बढ़ी।

क्यों आक्रोशित हैं ग्रामीण
इस मामले में ये बात सामने आ रही है कि मृतक कुदमुरा गांव का है यानि कि घटना स्थल से उसका गांव लगभग पांच से छह किमी दूर है। शाम छह बजे तक उसके परिजन में से उसका भतीजा ही वहां पहुंच सका था, लेकिन मौके पर जो भीड़ लगी थी वो आसपास के गांव की थी। ये लोग हाथी के आतंक से पिछले तीन दिन से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले ही हाथियों के दल ने उनकी पांच एकड़ लहलहाती फसल को रौंद दिया है इसके कारण वो काफी परेशान हैं। इस बात का गुस्सा ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अमले पर उतार दिया।

गुस्सा देख मौके से गायब
चप्पल की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा था। ऐसे में पुलिस और वन विभाग के खिलाफ न सिर्फ नारेबाजी हो रही थी बल्कि ग्रमाीण उग्र भी हो रहे थे। दूसरी ओर हमलावर हाथी भी आसपास में ही घूम रहा था। इन हालात में विषम परिस्थिति को देख वन अमला के लोग और पुलिस के लोग वहां से निकल गए।

जमा हो गए सैकड़ों ग्रामीण
देर शाम तक घटना स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए थे। मौके पर मौजूद हमारे संवाददाता के अनुसार लगभग दो सौ की संख्या में ग्रामीण वहां पर जमा थे और प्रदर्शन कर रहे थे। रात होने के कारण ग्रामीणों ने आग जला ली थी और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।