
रायगढ़. कापू थाना क्षेत्र के ठाकुर नगर जोबी में धान बेचने को लेकर हुए विवाद में एक पुत्र ने अपने ही पिता की गला दबा कर हत्या कर दी। इस घटना को आरोपी बेटे की पत्नी ने देखा था। कोर्ट में आरोपी की पत्नी का बयान अहम रहा। जिसके आधार पर कोर्ट ने दोषी बेटे के खिलाफ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें ५०० रुपए का अर्थदंड शामिल है।
रायगढ़ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गीता नेवारे ने हत्या के एक मामले में गुरुवार को अहम फैसला किया। जिसकी पैरवी शासकीय अधिवक्ता एके श्रीवास्तव ने किया। मिली जानकारी के अनुसार मामला कापू थाना क्षेत्र के ठाकुर नगर जोबी का है। जहां धान बेचने को लेकर राजू सिदार व उसके पिता ज्ञानसिंह सिदार के बीच विवाद हुआ था। जिसे राजू के अन्य भाईयों ने समझाईश देकर मामले को शांत कराया। उसके बाद दशकर्म कार्यक्रम में चले गए।
२४ अगस्त २०१७ की दोपहर धान बेचने के विवाद पर राजू सिदार व उसके पिता ज्ञानसिंह के बीच विवाद हुआ। जिसमें बेटे ने अपने पिता को थप्पड़ मारा। ससुर को पति द्वारा थप्पड़ मारते देख पत्नी ने बीच बचाव किया तो पति ने उसे भी धक्का देकर गिरा दिया। वहीं घर का दरवाजा बंद कर अपने पिता की गला घोंट कर हत्या कर दी। वहीं हत्या करने के बाद दरवाजा खोल कर बाहर चला गया। मृतक का एक और बेटा, जो तालाब नहाने गया था। जब वो घर पहुंचा तो पिता को मृत अवस्था में दरवाजे पर देखा।
आरोपी की पत्नी से जब पूछताछ की तो उसने बताया कि तुम्हारे भैया (मेरे पति) ने गला दबा कर उनकी हत्या कर दी है। कापू पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का जुर्म दर्ज किया। करीब ८ माह की सुनवाई में आरोपी बेटे की पत्नी का बयान अहम रहा। जिसने इस पूरे मामले को देखा था। कोर्ट ने बहू के बयान को अहम मानते हुए आरोपी बेटे को ५०० रुपए अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
Published on:
11 May 2018 02:38 pm
