3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किसानों के चेहरे खिले, पांच साल बाद किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा ये फसल, पढि़ए खबर…

-चार किसानों ने समिति में करीब 4 सौ बोरी 160 क्विंटल मक्के का तौलाई किया है।

2 min read
Google source verification
किसानों के चेहरे खिले, पांच साल बाद किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा ये फसल, पढि़ए खबर...

रायगढ़. शासन द्वारा मक्के का समर्थन मूल्य तय करने के पांच साल बाद जिले में मक्के की बोहनी हुई। ऐसा नहीं है कि जिले में मक्के का उत्पादन नहीं हो रहा था। जिले में करीब 10 हजार एकड़ में मक्के का उत्पादन होता है। इसके बाद भी समितियों में इसकी खरीदी नहीं हो रही थी। इसको लेकर पत्रिका ने लगातार खबर प्रकाशित किया जिसके बाद प्रशासन सजग हुआ।

इसके बाद कोड़ासिया सहकारी सोसायटी में चार किसानों के मक्के की तौलाई की गई है। चार किसानों ने समिति में करीब 4 सौ बोरी 160 क्विंटल मक्के का तौलाई किया है। जिसे सोसायटी के माध्यम से नागरिक आपूर्ति निगम खरीद रही है। शासन ने करीब ५ साल पहले ही धान के अलावा अन्य फसल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए मक्के का भी समर्थन मूल्य तय किया गया। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिले में मक्के की खरीदी शुरू हो गई, लेकिन जिले में इसकी खरीदी नहीं की जा रही थी। इसे लेकर जब संबंधित विभाग सें चर्चा किया गया तो पहले तो मक्के का उत्पादन नहीं होने की बात कही गई जबकि कृषि विभाग के आकड़े के अनुसार जिले में 10 हजार एकड़ में मक्के का उत्पादन किया जाता है।

Read More : ऐसा क्या हुआ कि दशकों पुरानी कैदियों की सजा माफी व रिहाई की सौगात पर लगा ग्रहण, पढि़ए पूरी खबर...

इसके बाद बाद किसान स्वेच्छा से बाहर बाजार में विक्रय करने का बहाना बनाया गया इसको लेकर प्रकाशित खबर के बाद लैलूंगा क्षेत्र के दो किसानों ने टोल फ्री नंबर में शिकायत भी दर्ज किया। जिस पर शासन ने खाद्य विभाग को जांच का निर्देश दिया था। तब जाकर जिला प्रशासन हरकत में आया और पूरी टीम लैलूंगा क्षेत्र में जाकर मक्के का सैंपलिंग किए। सैंपल रिपोर्ट पास होने के बाद मक्का खरीदने का निर्देश दिया गया जिस पर समिति ने क्रय किया है।

सैंपल के लिए पहुंच रहे किसान
कोड़ासिया समिति में पूर्व में मधुकर सिंघानिया, राधा बाई, लक्ष्मी, श्रीनाथ, बसंत, सहदेव का सैंपल लिया गया था। जिसमें से कुछ की जांच की जा चुकी है कुछ शेष है। वहीं समिति में रोज एक से दो किसान सैंपल लेकर पहुंचने की बात सामने आ रही है। जबकि इसके पहले किसानों को वापस कर दिया जाता था।

और भी समितियों में हो सकेगी खरीदी
बताया जा रहा है कि जिले में मक्के का उत्पादित रकबा 10 हजार एकड़ है जिसमें से अधिकांश क्षेत्र धरमजयगढ़ और लैलूंगा क्षेत्र में है अगर इन क्षेत्र के समितियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया तो काफी मात्रा में मक्के की खरीदी जिले से होगी। जिसका लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।

इन किसानों से खरीदा गया मक्का
कोड़ासिया सहकारी समिति क्षेत्र के किसान श्रीनाथ पंडा, लक्ष्मी, राधा बाई और बसंत द्वारा दिया गया सैंपल पास होने पर इनके मक्के की तौलकर खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं एक किसान के मक्के का सैंपल फेल हो गया उसमें काफी अधिक डेमेज मिलने पर उसकी खरीदी नहीं करने का निर्देश दिया गया।