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उपलब्धि : गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड, एशिया बुक ऑफ व्लर्ड रिकार्ड में जुड़ा रायगढ़ के खिलाडिय़ों का नाम

उम्दा खेल का प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन कर लगातार 24 घंटे तक रोलबॉल खेलते हुए व्लर्ड रिकार्ड बनाया।

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उपलब्धि : गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड, एशिया बुक ऑफ व्लर्ड रिकार्ड में जुड़ा रायगढ़ के खिलाडिय़ों का नाम

उपलब्धि : गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड, एशिया बुक ऑफ व्लर्ड रिकार्ड में जुड़ा रायगढ़ के खिलाडिय़ों का नाम

रायगढ़. एक दौर था जब कहा जाता था कि खेलोगे कुदोगे तो बनोगे खराब पर आज का दौर है कि खेल एक खिलाड़ी को कहां से कहां पहुंचा दे रहा है। ऐसा ही एक वाकया रायगढ़ में भी सामने आया है। यहां के दो खिलाड़ी लार्जेस्ट रोलबॉल लेशन में शामिल होकर लगातार २४ घंटे तक खेलते रहे और इनकी टीम ने गिनीज बुक ऑफ व्लर्ड रिकार्ड बना दिया है। हाल में ही इनके ग्रुप को सैंपल सर्टिफिकेट जारी हुआ है। हालांकि मेन सर्टिफिकेट अभी कुछ दिन बाद आएगा।

मिली जानकारी के अनुसार शिव गंगा रोलर स्केटिंग डोम बेलगाम एवं रोल बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा १८ मई २०१८ को शाम पांच बजे से लगातार दूसरे दिन १९ मई २०१८ के शाम पांच बजे तक आयोजित लार्जेस्ट रोलबॉल लेशन में रायगढ़ के खिलाडिय़ों ने शिरकत की तथा अपने उम्दा ख्ेाल का प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन कर लगातार २४ घंटे तक रोलबॉल खेलते हुए व्लर्ड रिकार्ड बनाया। रायगढ़ के ये दो खिलाड़ी अनुराग मजुमदार पिता सुभाष मजुमदार व श्रेष्ठ चौधरी पिता विनो अग्रवाल शामिल हैं।

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विदित हो कि इस आयोजन में ३०९ खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया था एवं लगातार २४ घंटे तक खेल का प्रदर्शन किया। इस मैच में २४ से ज्यादा टीमें बनाई गई थी। मैच लगातार चल रहा था और इस दौरान खिलाडिय़ों को चलते मैच के दौरान ही बदला जा रहा था। ऐसे में जूनियर, सीनियर, ब्वायज और गल्र्स का मैच एक ही खेल में चलता रहा।

बेहतर खिलाड़ी
इस बड़े स्पर्धा में भाग लेने वाले दोनो खिलाडिय़ों का इस खेल में ट्रैक रिकार्ड काफी अच्छा है। अनुराग मुजमदार ने तीन अंतर्राष्ट्रीय एवं १९ राष्ट्रीय रोल बॉल प्रतियोगिता में अपने खेल का लोहा मनवा चुका है। वहीं तीनों अंतर्राष्ट्रीय मैच में अपनी टीम के साथ गोल्ड मैडल प्राप्त कर चुके हैं। वहीं दूसरा खिलाड़ी श्रेष्ठ चौधरी दस राष्ट्रीय खेल में उम्दा प्रदर्शन करते हुए दो बार सिल्वर मैडल हासिल कर चुका है।

दुखी हैं शहर में खेल की उपेक्षा से
इन दोनों खिलाडिय़ों से जब इस उपलब्धि को लेकर चर्चा की गई तो ये बात सामने आई कि ये उस शहर के खिलाड़ी है जहां इनके खेल के लिए कोई मैदान ही नहीं है। एक छोटी सी जगह में ये इस खेल की प्रैक्टिस करते हैं और यहीं से खेलकर इन लोगों का सफर व्लर्ड रिकार्ड तक पहुंचा है।

अभी मिला है सैंपल सर्टिफिकेट
इन खिलाडिय़ों ने बताया कि मैच के दौरान गिनीज बुक संस्था से आब्जर्वर आए थे जो इस खेल की मानिटरिंग कर रहे थे। ऐसे में ख्ेाल के खत्म होने के बाद इसकी पूरी रिकार्डिंग की गई थी। पांच दिन बाद इस बात की सहमति मिली कि ये आयोजन संस्था के सभी मापदंडो पर खरा उतरा है। इसके बाद फेडरेशन को सैंपल सर्टिफिकेट भेजा गया है। तीन माह बाद सभी खिलाडिय़ों के घर सर्टिफिकेट पहुंच जाएगा।

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