
जोगी कांग्रेस ने बढ़माल में हल्ला बोला तो खनिज विभाग ने की दिखावे के लिए कार्रवाई, एनटीपीसी को छोड़ा
रायगढ़. पुसौर के रंगालपाली और बढ़माल में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन के मामले में खनिज विभाग दिखावे की कार्रवाई कर शांत हो गई है। एनटीपीसी में आधा दर्जन ठेका कंपनी काम कर रही है इनमें से किसी के पास भी रेत व अन्य गौण खनिज का अस्थाई खदान स्वीकृत नहीं है और न ही इन कंपनियों ने आवेदन दिया है। इसके बाद भी देखा जाए तो उक्त कंपनियों निर्माण सामग्री का खुलकर उपयोग कर रही है।
बताया जाता है कि इस क्षेत्र में होने वाले रेत के अधिकांश अवैध उत्खनन इन कपंनियों के पास खपाया जाता है लेकिन कभी भी खनिज विभाग ने यहां जांच करना उचित नहीं समझा है जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी शासकीय प्रोजेक्ट में गौण खनिज के उपयोग के अनुसार संबंधित ठेकेदार को अस्थाई खदान स्वीकृत कराना है और फिर उसी खदान का खनिज उपयोग करना है, लेकिन यहां इसके विपरित हो रहा है।
पिछले दिनों जब जोगी कांग्रेस ने बढ़माल में हल्ला बोला तो खनिज विभाग दिखाने के लिए तीन स्थानों पर डंप किए गए रेत व अन्य खनिज को जब्त कर कार्रवाई की लेकिन इस दौरान भी एनटीपीसी के अंदर डंप किए गए या फिर खपाए गए रेत की जांच करना उचित नहीं समझा।
काफी कम मात्रा में है रायल्टी
बताया जाता है कि एनटीपीसी में काम कर रहे ठेका कंपनी दिखावे के लिए मात्रा में वैद्य खदानों से क्रय करते हैं लेकिन जब शासन ने प्रोजेक्ट के लिए अस्थाई खदान स्वीकृत कराने निर्देश दिया है तो फिर अन्य वैद्य खादानों से रेत लेना समझ से परे है। जानकारों की मानें तो यहां पर उपयोग किए गए खनिज की मात्रा का आंकलन किया जाए तो काफी कम मात्रा में रायल्टी पर्ची मिलेगा।
ठण्डे बस्ते में जांच
तात्कालीन कलक्टर मुकेश बंसल ने इस क्षेत्र में लगातार रेत की मिल रही शिकायत को लेकर जांच करने का निर्देश दिया था। जिसमें खनिज विभाग ने ठेका कंपनियों से निर्माण कार्य में उपयोग किए गए खनिज के रायल्टी पर्ची सहित अन्य जानकारी मांगा था लेकिन उक्त जांच ठंडे बस्ते में चले गया।
Published on:
18 May 2018 08:09 pm
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