
दिल को झकझोर देने वाली सच्चाई सारंगढ़ थाना अंतर्गत कुशलनगर में देखने को मिली।
रायगढ़. सौतली मां के प्रताडऩा के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन जब एक बाप इतने वहशीपन पर उतर आए कि वह अपने नाबालिग बेटों से शराब मंगवाए और न लाने पर डंडे से पीटे तो उन बच्चों का भविष्य क्या होगा। ऐसी एक दिल को झकझोर देने वाली सच्चाई सारंगढ़ थाना अंतर्गत कुशलनगर में देखने को मिली।
यहां रहने वाले दिलीप साहनी ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर दूसरी शादी कर ली और अपने दोनों बच्चों को खुद के पास नौकर की तरह रखा। वह अपने 14 व आठ साल के बच्चों से शराब मंगवाता था और यदि बच्चे न जाएं तो उन्हें लात घूंसों व डंडे से इतना पीटता था कि बदन से चमड़ी उतर जाती थी। ये मासूम बच्चे अपने पिता के वहशीपन से ही प्रताडि़त नहीं थे। रही-सही कसर उनकी सौतली मां विनिता साहनी पूरा कर देती थी।
वह इन बच्चों से इतना चिढ़ती थी एक दिन उसने गुस्से में आकर उनके ऊपर गर्म चावल का माड़ तक उड़ेल दिया और बच्चा कई महीने तक बिस्तर में जिंदगी और मौत से जूझता रहा। इन बच्चों की दुख भरी कहानी जब सारंगढ़ पुलिस ने सुनी तो उनकी आंखें भी नम हो गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दिलीप और विनिता को गिरफ्तार न्यायिक हिरासत में भेजा और बच्चों को बाल संप्रेषण गृह में रखा गया है। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए धारा 294, 506, 323, बालकों का संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 75, 78 के तहत अपराध दर्ज दंपति को गिरफ्तार जेल भेजा गया।
बच्चों के साथ इस तरह हुए अत्याचार
पुलिस के अनुसार सारंगढ़ का कुशलनगर निवासी दिलीप साहनी ने साल 2012 में अपनी पहली पत्नी शकुंतला साहनी को तलाक दे दिया है। शकुंतला से दिलीप को दो पुत्र भावेश (14) और पितांबर (8) हैं। शकुंतला बच्चों की परवरिश करने में असमर्थ तो उसने दोनों बच्चे दिलीप के पास ही छोड़ दिए।
इस दौरान दिलीप ने विनीता नाम की महिला से शादी कर ली। जैसे ही विनीता दिलीप के घर आई दोनों बच्चों की जिंदगी नर्क जैसी हो गई। दिलीप व विनीता दोनों ही बच्चों को शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताडि़त करने लगे। हालत यह थी कि दिलीप शराब पीने का आदी था तो वह भावेश और पीतांबर को शराब दुकान शराब खरीदने के लिए भेजता था। यदि वह नहीं जाते तो वह उनकी बेरहमी से पिटाई करता था।
विनीता दोनों बच्चों से घर का सारा काम करवाती थी। तीन दिन पहले कुछ काम बिगड़ जाने से विनीता भावेश पर इतनी नाराज हुई कि उसने उसे मर क्यों नहीं जाता है कह कर उठी और खौलते चावल के माड़ को उसके ऊपर फेंक दिया। इससे भावेश बुरी तरह झुलस गया। इस बीच मौका पाकर भावेश अपनी सगी मां के पास पहुंचा और फिर दोनों थाने पहुंचे। थाने में पुलिस ने जब बच्चे की आपबीती सुनी तो पुलिस की आखें भी नम हो गईं।
सगी मां ने खरीदे नए कपड़े तो की पिटाई
गत सात फरवरी को भावेश अपनी सगी मां शकुंलता जो कि टिमरलगा में रहती है से मिलने गया था। बेटे के मैले कुचैले और फटे पुराने कपड़े देखकर मां से रहा नहीं गया और वह उसने उसे नए कपड़े खरीद दिए। इस दौरान सारंगढ़ बस स्टैंड पर भावेश को उसका उसका पिता दिलीप साहनी मिल गया और नए कपड़े देख समझ गया कि उसकी मां कपड़े खरीदे हैं।
इसके बाद वह भावेश को घर ले गया और बेशरम के डंडे इतना मारा कि उसके शरीर से खून तक निकलने लगा। इतना ही नहीं दिलीप ने भावेश को धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे मारकर तालाब में फेंक देगा। इसी दौरान भावेश का छोटा भाई पिता को मना करने पहुंचा तो पिता व सौतेली मां ने उसकी भी बेरहमी से पिटाई की।
Published on:
10 Oct 2018 02:15 pm
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