
रातों-रात लबालब हुई महानदी, डूब गया प्राचीन पुलक ऋषि का आश्रम
महानदी का जलस्तर अचानक से काफी बढ़ गया है इसके कारण पोरथ का प्राचीन शिव मंदिर भी जलमग्न हो गया है।
रायगढ़. गंगरेल बांध से पानी छोडऩे के बाद महानदी का जलस्तर अचानक से काफी बढ़ गया है। ऐसे में रातों-रात नदी में काफी पानी आ गया और महानदी के तट पर स्थित पोरथ का प्राचीन व प्रसिद्ध शिव मंदिर भी डूब गया है।
मंदिर का आधा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और लोग यहां पर इस नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। विदित हो कि इस मंदिर से लगकर पोरथ गांव की शुरुआत होती है। इन हालात में लोगों में इस बात का भी भय है कि यदि पानी और बढ़ा तो ये गांव में घुस जाएगा इसके कारण काफी परेशानी हो जाएगी।
विदित हो कि रायगढ़ जिले के लिये पोरथ आस्था व श्रद्धा का बड़ा केन्द्र माना जाता है। सरिया के समीप महानदी के किनारे स्थित पोरथ में पुलक ऋषि का आश्रम था। ऐसे में हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है। साथ ही आसपास सहित अन्य प्रदेशों से भी लोग यहां मकर स्नान के लिए पहुंचते हैं। मानते हैं गंगा के जैसा पोरथ का एक महत्व अस्थि विसर्जन को लेकर भी है, यहां पर महानदी, मांड व एक अन्य नदी का संगम भी है इसके कारण से त्रिवेणी भी माना जाता है। ऐसे में लोग दूर-दूर से यहां पर अपने परिजनों के अस्थित विसर्जन के लिए पहंचते हैं।
अलर्ट है टीम महानदी में
जल स्तर बढऩे के बाद से प्रशासन की टीम अलर्ट है। मंगलवार को कलक्टर ने भी तटवर्ती गांवों का मुआयना किया था और तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान महकमे को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त रहने का निर्देश दिया गया है।
Updated on:
29 Aug 2018 02:04 pm
Published on:
29 Aug 2018 01:54 pm
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