19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गई थी पति का साथ देने, लेकिन उसको नहीं पता था ये उसकी आखरी मुलाकात होगी

गंगा मिनरल्स कटंगपाली के पीछे डोलोमाइट पत्थर खदान में अपने पत्नी व बच्चे के साथ टै्रक्टर लेकर पत्थर लेने के लिए पहुंचा

2 min read
Google source verification
गंगा मिनरल्स कटंगपाली के पीछे डोलोमाइट पत्थर खदान में अपने पत्नी व बच्चे के साथ टै्रक्टर लेकर पत्थर लेने के लिए पहुंचा

गंगा मिनरल्स कटंगपाली के पीछे डोलोमाइट पत्थर खदान में अपने पत्नी व बच्चे के साथ टै्रक्टर लेकर पत्थर लेने के लिए पहुंचा

रायगढ़/ साल्हेओना. कटंगपाली क्षेत्र में डोलोमाइट पत्थर खदान में काम करने वाली महिला मजदूर की दबकर मौत हो गई। घटना सरिया थाना क्षेत्र के बोंदा स्थित एक लीज खदान की है। घटना बुधवार दोपहर की है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बोंदा निवासी नंदलाल सिदार रोजाना की तरह बुधवार दोपहर दो बजे गंगा मिनरल्स कटंगपाली के पीछे डोलोमाइट पत्थर खदान में अपने पत्नी व बच्चे के साथ टै्रक्टर लेकर पत्थर लेने के लिए पहुंचा था।


जैसे ही वो लोग पत्थर निकालने के लिए 100 फीट गरही पत्थर खदान में नीचे उतरे उसी वक्त मिट्टी व पत्थर भरभरा कर गिरने लगे। ऐसे में महिला चन्द्रकला सिदार पति नंदलाल उम्र 47 वर्ष के पति व बच्चे भगने लगे लेकिन उक्त महिला देखते ही देखते दब गई इस दौरान मची चीख-पुकार से आसपास काम कर रहे ग्रामीण पहुंचे लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही खदान मालिक अशोक अग्रवाल जेसीबी मशीन के साथ पुलिस टीम लेकर पहुंचा और महिला मजदूर के शव को निकालने का प्रयास शुरू हो गया। बताया जाता है कि

इस घटना में मृतक महिला का बीस पुत्र जो कि टैक्टर चालक है वो बाल-बाल बचा। युवक नारायण सिदार के बाएं पैर में हल्की चोट लगी है, वहीं उसके पति को एक भी खरोंच नहीं आई है। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में क्रशर संस्थानों व पत्थर खदानों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।


नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
इस घटना ने खदानों में काम करने वाले श्रमिकों को दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती दिख रही थी। खदान मालिकों के द्वारा महिला को ना मास्क और न ही दस्ताना और न सिर में सेफ्टी कैप उपलब्ध कराए गए थे। यहां तक की पत्थर खदान के ऊपरी मिट्टी को नहीं हटाने से यह हादसा हो गया। इस क्षेत्र में सैकड़ों वैध-अवैध पत्थर खदानों के संचालन होने के बाद भी जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई जांच नहीं की जा रही है। इससे मामले बढ़ते जा रहे हैं।


10 दिन में दूसरी मौत
स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10 दिन पहले इस खदान मेंं एक ओडि़शा के बरगढ़ निवासी मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जिसे सरिया पुलिस के अधिकारी भी मान रहे हैं। उनकी माने तो उक्त मैकेनिक की मौत, पत्थर खदान में दबने या फिर किसी हादसे से नहीं हुई थी। शराब की नशे में धुत मजदूर, अपने दोस्तों के साथ खाना खाया। उसके कुछ देर बाद उल्टी कर खदान स्थित कमरे में जाकर सो गया। सुबह जब उसे उठाने की कोशिश की गई तो वो दम तोड़ चुका था। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।