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गोबरा नवापारा तहसील का चना बीज घोटाला, जांच में 2 अधिकारी पाए गए दोषी, ऐसे चला सच्चाई का पता

Raipur News: चना बीज वितरण घोटाला मामले की विभागीय जांच में दो अधिकारी दोषी पाए गए हैं। दरअसल गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्रामों में चना बीज वितरण घोटाला किया गया था।

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घोटाला (photo-unsplash)

घोटाला (photo-unsplash)

CG News: चना बीज वितरण घोटाला मामले की विभागीय जांच में दो अधिकारी दोषी पाए गए हैं। दरअसल गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्रामों में चना बीज वितरण घोटाला किया गया था। इस मामले में दोषी पाए गए दो कृषि विस्तार अधिकारी के विरुद्ध अब विभागीय जांच की जा रही है। पूर्व में अभनपुर एसडीएम स्तर पर इस घोटाले की जांच की गई। जांच में जो कमी पाई गई है, उसे लेकर अब विभाग जांच कर रहा है। यह जांच पूरी होते ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के ग्राम भुरका-तोरला व ग्राम टीला-चंपारण ग्रामों में चना बीज वितरण में घोटाले का यह मामला नवंबर 2024 का है। इस घोटाले की जांच दिसंबर में की गई। जांच के बाद यह फाइल तीन माह तक तहसील कार्यालय में डंप रही। इसके बाद इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो फाइल जिला कृषि विभाग को भेजी गई। जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों को दोषी पाए जाने पर भी विभाग ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया और फाइल महीनों तक विभाग में दबी रही।

अधिकारी के बदलते ही नई रिपोर्ट हो रही तैयार

जिला कृषि विभाग के अधिकारी का तबादला होने के बाद नए अधिकारी के आने के बाद अब इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इसके तहत पुरानी जांच रिपोर्ट में जो कमी है, उसे दूर करने के लिए अब नई रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

सामान्य सभा में उठा था मामला

जिला पंचायत की सामान्य सभा में इस मामले को उठाया गया था। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया, आनन-फानन में विभाग के तत्कालीन अधिकारी ने जांच रिपोर्ट में 14 किसानों के बयान नहीं होने का हवाला देकर एक बार फिर मामले को शांत कर दिया और दोबारा घोटाले की जांच कराने की बात कहते रहे।

शेष बीज बाजार में बेचा, 12 लाख का किया घोटाला

चना बीज घोटाला लगभग 12 लाख रुपए का है। विभाग के अनुसार इस क्षेत्र के ग्रामों में चना की खेती को बढ़ावा देने और इसके प्रदर्शन के लिए विभाग ने योजना के तहत 100 हेक्टेयर में फसल लगने के लिए निशुल्क चना बीज वितरित कराया था। इसके लिए विभाग ने 100 किसानों की सूची भी बनाई थी। इन किसानों को एकड़ के अनुसार चना बीज का वितरण किया जाना था, लेकिन दोनों कृषि विस्तार अधिकारियों ने 100 हेक्टेयर की जगह 6 प्रतिशत से भी कम हेक्टेयर के लिए बीज का वितरण किया। शेष बीज बाजार में बेच दिया। जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा भी हुआ है।

इस मामले की विभागीय जांच की जा रही है। पुरानी जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारी दोषी पाए गए हैं। पूरी जांच होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - सतीश अवस्थी, जिला कृषि अधिकारी, रायपुर