4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Nagar Nigam Strike: रायपुर नगर निगम की बड़ी स्ट्राइक! 71 लाख टैक्स बकाया पर 7 व्यावसायिक परिसर सील

Nagar Nigam Strike: रायपुर नगर निगम ने टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जोन-8 में 71 लाख रुपये से अधिक टैक्स बकाया वाले 7 व्यवसायिक परिसरों को सील किया।

2 min read
Google source verification
रायपुर नगर निगम की बड़ी स्ट्राइक (photo source- Patrika)

रायपुर नगर निगम की बड़ी स्ट्राइक (photo source- Patrika)

Nagar Nigam Strike: नए साल की शुरुआत के साथ ही रायपुर नगर निगम ने बड़े टैक्स चोरों और डिफॉल्टरों पर कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को जोन नंबर 8 के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात बड़े डिफॉल्टरों के बिजनेस की जगहों पर ताला लगाकर सील कर दिया। इन जगहों पर नगर निगम का कुल ₹7,11,056 टैक्स बकाया है।

Nagar Nigam Strike: पुष्प वाटिका मैरिज गार्डन पर 46 लाख रुपए का बकाया

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा निशाना रायपुरा में पुष्प वाटिका मैरिज गार्डन था। वार्ड नंबर 70 (संत रविदास वार्ड) में मौजूद इस मैरिज गार्डन के मालिक सत्येंद्र बिसेन और इंद्रजीत बिसेन ने कई सालों से कुल ₹45,99,952 का टैक्स नहीं दिया था। डिमांड बिल और फाइनल नोटिस के बावजूद जब रकम नहीं दी गई, तो निगम टीम ने तुरंत गार्डन को सील कर दिया।

इन बड़े बकायादारों पर भी लटका ताला

राहुल धारीवाल: 18 लाख 17 हजार 223 रुपए।
देवीलाल शर्मा: 10 लाख 10 हजार 705 रुपए।
प्रितम सिंह: 5 लाख 23 हजार 112 रुपए।
हरवंश सिंह व अन्य: 4 लाख 46 हजार 911 रुपए।
अशोक कुमार, विजय कुमार व अन्य: 2 लाख 23 हजार 160 रुपए।
आदिल खान: 1 लाख 39 हजार 493 रुपए।

आयुक्त के निर्देश पर ‘एक्शन मोड‘ में टीम

Nagar Nigam Strike: यह ऑपरेशन म्युनिसिपल कमिश्नर विश्वदीप के आदेश और डिप्टी रेवेन्यू कमिश्नर जागृति साहू के गाइडेंस में किया गया। ज़ोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल और असिस्टेंट रेवेन्यू ऑफिसर महादेव रक्सेल की लीडरशिप में एक रेवेन्यू टीम मौके पर पहुंची और सीज़ करने की कार्रवाई पूरी की। टीम में रेवेन्यू इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा और असिस्टेंट इंस्पेक्टर खगेंद्र सोनी, राम कुमार और चंदन रगड़े शामिल थे।

अंतिम चेतावनी के बाद की गई कुर्की

ज़ोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने साफ़ किया कि इन डिफॉल्टर्स को बार-बार डिमांड नोटिस और फ़ाइनल वॉर्निंग दी गई थी। इसके बावजूद, उन्होंने सरकारी खजाने में रकम जमा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नगर निगम ने साफ़ कर दिया है कि जब तक पूरी बकाया रकम नहीं चुकाई जाती, ये जगहें सील रहेंगी।