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छत्तीसगढ़ में JJM के ठेकेदारों का आज विधानसभा घेराव, ढाई साल से लंबित भुगतान पर करेंगे प्रदर्शन

JJM Contractor Protest: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों का गुस्सा बढ़ गया है। करीब 2200 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की मांग को लेकर आज 800 से ज्यादा ठेकेदार रायपुर में विधानसभा घेराव करेंगे।
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Chhattisgarh Assembly Protest

JJM के ठेकेदारों का आज विधानसभा घेराव (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Assembly Protest: जल जीवन मिशन (JJM) के तहत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित होने से नाराज छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन आज विधानसभा का घेराव करेगी। प्रदेशभर से करीब 800 ठेकेदार रायपुर के तूता धरना स्थल पर एकत्र होंगे। यहां से सभी रैली के रूप में विधानसभा की ओर कूच करेंगे और सरकार से बकाया भुगतान जारी करने की मांग करेंगे।

Contractor Association: 2200 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी लंबित

एसोसिएशन का दावा है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन की 'हर घर जल' योजना में काम करने वाले ठेकेदारों का करीब 2200 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित है। भुगतान नहीं होने से कई ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि मजदूरी, निर्माण सामग्री और बैंक ऋण की किस्तों का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया है।

नीर भवन घेराव के बाद भी नहीं निकला समाधान

बकाया भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने पिछले सप्ताह रायपुर स्थित नीर भवन का घेराव भी किया था। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी गई थीं, लेकिन कोई ठोस आश्वासन या समाधान नहीं मिलने के बाद एसोसिएशन ने आंदोलन तेज करते हुए विधानसभा घेराव का फैसला लिया है।

एसोसिएशन बोली- अनुबंध के बाद बदले गए नियम

छत्तीसगढ़ कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जोशी का कहना है कि जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई साल से अधिक समय से भुगतान अटका हुआ है। आरोप है कि विभाग ने अनुबंध होने के बाद नई-नई शर्तें और नियम लागू कर दिए, जिससे भुगतान प्रक्रिया और जटिल हो गई। एसोसिएशन की मांग है कि अनुबंध की मूल शर्तों के अनुसार भुगतान किया जाए और बाद में जोड़ी गई अतिरिक्त शर्तों को वापस लिया जाए।

ये हैं ठेकेदारों की प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन के तहत लंबित 2200 करोड़ रुपये का जल्द भुगतान।
अनुबंध के बाद लागू की गई नई शर्तों और नियमों को समाप्त किया जाए।
भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
भविष्य में तय समय सीमा के भीतर बिलों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

Chhattisgarh Contractors Association: प्रदेशभर से पहुंचेंगे ठेकेदार

एसोसिएशन के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 800 ठेकेदार प्रदर्शन में शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि यदि विधानसभा घेराव के बाद भी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ठेकेदारों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है। यदि भुगतान और नियमों को लेकर कोई घोषणा नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।