
बिजली बचत के नियम तय @ बदल गया पूरे भारत का तापमान! अब 16 नहीं 24 डिग्री पर चलेगा आपके घर का एसी
रायपुर/नई दिल्ली. अब आपके घर या कार्यालय में लगा एसी 16 नहीं बल्कि 24 डिग्री पर चलेगा। अब आप इस साल की गर्मी में नया एयर कंडीशनर यानी (एसी) खरीदेंगे तो वो 16 डिग्री नहीं बल्कि 24 डिग्री सेल्सियस तापमान पर चलेगा। क्योंकि अब तापमान बदल गया है। अब सभी कंपनियों के सभी तरीकों के (एसी) में डिफॉल्ट तापमान 24 डिग्री सेट रहेगा यानी वो 24 डिग्री तापमान पर ही शुरू होंगे। हालांकि तापमान को 24 डिग्री से ज्यादा और कम किया जा सकता है। सरकार के इस कदम से आपका बिजली का बिल घटेगा। फिलहाल एसी का डिफाल्ट तापमान 18 डिग्री सेल्सियस है।
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार ने एसी में डिफाल्ट तापमान के नियम बदल दिए हैं। ऊर्जा मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक नए साल में नई सेटिंग के साथ ही एसी बनेंगे। सभी ब्रैंड के स्टार रेटिंग वाले एसी के लिए नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। नए नियम 1 जनवरी 2020 से लागू हो चुके हैं।
बिजली बचत के नियम तय करने वाली एजेंसी ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने सरकार के साथ मिलकर रूम एसी के लिए एनर्जी परफॉरमेंस स्टैंडर्ड तय किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, सभी ब्रैंड्स और सभी प्रकार के स्टार रेटिंग वाले रूम एसी में 24 डिग्री सेल्सियस तापमान डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर रहेगा। इसमें एक से पांच स्टार वाले विंडो के साथ स्प्लिट एसी भी शामिल हैं।
बीईई ने एसी के लिए 2006 में स्टार लेबलिंग प्रोग्राम लॉन्च किया था। जिसे 12 जनवरी 2009 में लागू किया गया था। इसके बाद 2015 में एसी के इनवर्टर के लिए स्टार लेबल शुरू किए गए। यह जनवरी, 2018 में लागू हुआ। स्टार लेबलिंग शुरू होने से 2017-18 में ही 4.6 अरब यूनिट ऊर्जा की बचत हुआ। साथ ही 3.8 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2050 तक दुनिया में एसी की सबसे ज्यादा मांग भारत से होगी। रिपोर्ट के मुताबिक एसी की खरीद में 4206 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी वहीं दूसरे नंबर पर इंडोनेशिया आता है, जहां 1845 फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी होगी।
एसी को अगर 24-25 डिग्री तापमान पर चलाया जाता है, तो उससे बिजली बिल में अच्छी खासी बचत हो सकती है। एक डिग्री तापमान बढ़ाने से कुल बिजली खपत में 6 फीसदी कमी आती है।
कई देशों में इसी तरह के नियम लागू
जापान और अमरीका जैसे देशों ने एयर कंडीशनर के प्रदर्शन के लिए पहले ही नियम बना दिए हैं। जापान में एसी का डिफाल्ट तापमान 28 डिग्री सेल्सियस है। वहीं, अमरीका में कुछ शहरों में एसी का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से कम पर नहीं चलाने की सीमा तय है। माना जा रहा है कि इस तरह के उपायों के माध्यम से 20 बिलियन यूनिट यानी मौजूदा बिजली की प्रति यूनिट कीमत के हिसाब से हर साल 10,000 करोड़ रुपए कीमत की बिजली की बचत होगी। साथ ही बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। भारत में एसी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते सरकार ऊर्जा बचाने के लिए यह कदम उठा रही है।
घर में एसी है तो इन बातों का रखें ख्याल
1-हर साल सर्विस करवाएं
2-दिन में एक बार कमरे की खिड़कियां-दरवाजे खोल दें
3-सर्विस किसी भरोसेमंद, सर्टिफाइड मैकेनिक से करवाएं
4-स्प्लिट एसी विंडो एसी के मुकाबले ज्यादा बेहतर
5-गैस की क्वालिटी का ध्यान रखें
5-गलत गैस डालने से भी दिक्क्त होती है
6-सारे वक्त कमरे, खिड़कियों को बंद न रखें ताकि प्रदूषित हवा निकल सके
एसी का तापमान कितना रखें?
1- पलंग या सोफे पर बैठकर टीवी देखते हुए अक्सर आप एसी का रिमोट उठाकर तापमान 16 या 18 तक ले आते हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की मानें तो ऐसा करना आपकी सेहत पर असर डाल सकता है।
2-घरों या दफ्तरों में एसी का तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस ही रखना चाहिए। दिन के मुकाबले रात में तापमान कम रखा जा सकता है। ऐसा करने से सेहत भी ठीक रहेगी और बिजली का बिल भी कम आएगा।
3-लेकिन अगर आप एसी का तापमान इससे कम रखेंगे तो एलर्जी या सिरदर्द शुरू हो सकता है। बुजुर्गों और बच्चों की इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है, ऐसे में एसी का तापमान सेट करते वक्त इसका ख्याल रखना होगा।
Updated on:
07 Jan 2020 07:29 pm
Published on:
07 Jan 2020 07:24 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
