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Amit Jogi Appeal: अमित जोगी ने समर्थकों से किया खास अनुरोध, कहा- सादगी से मिलें, दिखावा नहीं

Amit Jogi Appeal: अमित जोगी ने रायपुर लौटने से पहले समर्थकों से पोस्टर-बैनर हटाने और एयरपोर्ट न आने की अपील की।

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अमित जोगी (photo source- Patrika)

अमित जोगी (photo source- Patrika)

Amit Jogi Appeal: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमित जोगी के दिल्ली से रायपुर लौटने से पहले जारी एक भावुक और सादगी भरा संदेश चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने समर्थकों से खास अपील करते हुए कहा है कि उनके स्वागत में किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन न किया जाए—न पोस्टर, न बैनर और न ही एयरपोर्ट पर भीड़ जुटाई जाए।

Amit Jogi Appeal: सादगी भरा स्वागत चाहते हैं अमित जोगी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में अमित जोगी ने लिखा कि समर्थकों का प्रेम और सहयोग उनके लिए बेहद मूल्यवान है, लेकिन वे इसे सादगी और शांति के साथ व्यक्त होते देखना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रायपुर आगमन पर कोई भी समर्थक एयरपोर्ट न पहुंचे और अगर कहीं पोस्टर या फ्लेक्स लगाए गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा लिया जाए। उन्होंने आगे लिखा कि वे शाम 5 से 7 बजे के बीच अपने निवास पर सभी शुभचिंतकों से मुलाकात करेंगे और वहीं उनसे मिलकर उन्हें अधिक खुशी होगी। यह अपील उनके सादगीपूर्ण और संयमित राजनीतिक संदेश को दर्शाती है।

“शोर नहीं, सादगी चाहिए”

अमित जोगी ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उन्हें शोर-शराबा, भीड़ और दिखावा पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वास्तव में उनका शुभचिंतक है, तो उनकी इस इच्छा का सम्मान करना ही सबसे बड़ा स्नेह होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आमतौर पर नेताओं के स्वागत में बड़े स्तर पर पोस्टर, बैनर और भीड़ देखने को मिलती है। अमित जोगी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने लंबित न्यायिक प्रकरण पर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि हाल ही में उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने फिलहाल उनके सरेंडर और जेल जाने पर रोक लगा दी है। साथ ही इस मामले में CBI, राज्य सरकार और सतीश जग्गी को नोटिस जारी किया गया है। यह मामला लंबे समय से छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक प्रणाली में चर्चा का केंद्र रहा है। अमित जोगी ने दो अहम आदेशों को चुनौती दी थी—पहला, जिसमें CBI को अपील की अनुमति दी गई थी, और दूसरा, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब इन दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई शुरू की है।

Amit Jogi Appeal: राजनीतिक और सामाजिक संदेश

अमित जोगी का यह कदम केवल एक व्यक्तिगत अपील नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। ऐसे समय में जब नेताओं के स्वागत में शक्ति प्रदर्शन आम बात है, उन्होंने सादगी और संयम को प्राथमिकता देकर एक अलग उदाहरण पेश करने की कोशिश की है। उनकी अपील साफ तौर पर यह संकेत देती है कि वे फिलहाल अपने राजनीतिक और कानूनी सफर को शांत और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, यह भी जताता है कि वे भीड़ की राजनीति से हटकर व्यक्तिगत संवाद और सादगी को अधिक महत्व दे रहे हैं।