
MBBS सीटों से पहले फैकल्टी पर फोकस (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Medical College: राज्य शासन ने सोमवार को नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 9 संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति की है। इनमें स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के विधानसभा क्षेत्र में खुले मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज 5 डॉक्टरों को भेजा गया है। संविदा नियुक्ति में एक प्रोफेसर व एक एसोसिएट प्रोफेसर भी है। ये पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। नए कॉलेज होने के कारण सीधी नियुक्ति दी गई है।
सामान्यत: संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति का आदेश मेडिकल कॉलेज स्तर पर डीन करते हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि संविदा डॉक्टरों का आदेश भी राज्य शासन निकाल रहा है। मनेंद्रगढ़ में बायो केमेस्ट्री के प्रोफेसर, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, एनाटॉमी व बायो केमेस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई है।
इसके अलावा जशपुर में बायो केमेस्ट्री के एसोसिएट प्रोफेसर, जांजगीर में बायो केमेस्ट्री व जांजगीर में पैथोलॉजी के असिस्टेंट प्राेफेसर नियुक्त किया गया है। प्रोफेसर को हर माह 2.25 लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को 1.85 व असिस्टेंट प्रोफेसर को एक से सवा लाख रुपए वेतन दिया जाएगा। कवर्धा, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा, कुनकुरी व दंतेवाड़ा कॉलेज में एमबीबीएस की 50-50 सीटें होंगी।
Chhattisgarh Medical Education: नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने के साथ सबसे बड़ी चुनौती योग्य फैकल्टी की उपलब्धता रही है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार कॉलेजों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पदों पर पर्याप्त नियुक्तियां जरूरी होती हैं। फैकल्टी की कमी होने पर सीटों की मंजूरी और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
इसी आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने नए मेडिकल कॉलेजों में संविदा आधार पर फैकल्टी नियुक्त करने की प्रक्रिया तेज की है। खास बात यह है कि इस बार नियुक्ति आदेश सीधे राज्य शासन स्तर से जारी किए गए हैं, जबकि सामान्यतः ऐसे आदेश संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन द्वारा जारी किए जाते हैं। इसका उद्देश्य फैकल्टी की कमी को जल्द दूर करना और कॉलेजों को समय पर संचालन के लिए तैयार करना है।
Updated on:
28 Jul 2026 10:01 am
Published on:
28 Jul 2026 10:01 am
