
राज्य का सबसे बड़ा बाजार, बसाहट भी बढ़ी लेकिन सुविधाएं पर्याप्त नहीं
CG Raipur News : करीब 2 लाख आबादी वाले नगर निगम के जोन-3 के लोगों को अभी बुनियादी सुविधाओं की दरकार है। राजधानी बनने के बाद विस्तार तो हुआ परंतु अभी काफी परेशानी झेलना पड़ता है। इस जोन में राज्य का सबसे बड़ा थोक कपड़ा बाजार है तो मोवा-सड्डू तरफ तेजी से बसाहट का दायरा भी बढ़ा है। इस लिहाज से डेवलपमेंट की उम्मीदें ज्यादा है। (cg raipur news) ऐसे क्षेत्रों में सड़कें और नालियों का अभाव है। वहीं कई जगह आज भी सब्जी बाजार सड़क किनारे ही लग रहा है।
खराब सड़कें, झूलते बिजली के तार
पंडरी का थोक कपड़ा बाजार राजधानी का सबसे बड़ा है। यहां तीन सेक्टरों में 300-300 दुकानें हैं। जहां छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के भी कारोबारी आते हैं। जोन-3 के इस थोक बाजार की खराब सड़कें, बिजली के लटकते तार ठीक कराने और पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण जरूरी है। ये काम नहीं होने से स्मार्ट सिटी में धब्बा से कम नहीं है।
जोन-3 में ये 7 वार्ड
निगम के जोन तीन-3 में मुख्य रूप से 7 वार्ड आते हैं। जिनमें वार्ड 10 रानी लक्ष्मीबाई, वार्ड 11 कालीमाता, वार्ड 12 महात्मा गांधी, वार्ड 29 गुरु गोङ्क्षवद ङ्क्षसह, वार्ड 30 शंकरनगर, वार्ड 34 लालबहादुर शास्त्री और वार्ड 48 मदर टेरेसा। इनमें से 3 भाजपा और 4 कांग्रेस के पार्षद हैं। इन क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति मुख्य रूप से बैरनबाजार, शंकरनगर और मंडी पानी टंकी से होती है।
बुनियादी जरूरतों पर जोर
जोन-3 के इन वार्डों का अधिकांश क्षेत्र हालांकि पुरानी बसाहट वाला है। इसलिए सड़क, नाली निर्माण का विस्तार भी ज्यादा हुआ है। परंतु वार्ड 10 ऐसा है, जहां राजधानी बनने के बाद बसाहट का विस्तार हुआ। इस वार्ड में नई प्लाङ्क्षटग एरिया बढऩे के साथ ही नई कॉलोनियां बनी हैं, जिनमें से अशोका रतन एक है। इसके अलावा दो से तीन मल्टी स्टोरी कॉलोनियां डेवलप हुई हैं। इसलिए नए बसाहट वाले सड्डू मोवा तरफ लोगों को नाली और सड़कों के लिए परेशान होना पड़ता है।
इस जोन के अवंति विहार चौक से शक्तिनगर और बीटीआई ग्राउंड के सामने सड़क किनारे आज भी सब्जी बाजार लगता है। इससे आवाजाही लोगों की प्रभावित होती है। पार्षद अभितेष भारद्वाज कहते हैं कि उनके जोन में हाट बाजार विकसित हुआ है, जिसमें 160 चबूतरे हैं। यदि सड़क किनारे सब्जी-भाजी, फलों का धंधा करने वालों को हाटबाजार में शिफ्ट कर दिया जाए, तो तस्वीर कुछ और ही बयां करेगी।
&राजधानी बनने के बाद विकास के कार्य लगातार हुए हैं। थोक कपड़ा बाजार शहर की पहचान है। यहां की सड़कें, नाली और शौचालय बनाने के साथ ही बिजली तारों को व्यविस्थत कराने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
-प्रमोद साहू, जोन अध्यक्ष
&लगातार विकास के कार्य होने से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। देवार बस्ती में सुलभ शौचालय और अनुपमनगर में नाली निर्माण स्वीकृत है। बगैर लेआउट वाले बसाहट में जरूर ज्यादा काम कराने की जरूरत है।
-राकेश अवधिया, कार्यपालन अभियंता जोन-3
Published on:
04 Jul 2023 10:19 am
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