
खराब सड़क (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@अजय रघुवंशी। Bitumen Price Hike: खाड़ी देशों में युद्ध की आंच का असर बिटुमिन (डामर) की कीमतों पर अब भी कायम है। राजधानी से लेकर सुदूर आदिवासी अंचलों में इसका असर सड़कों और निर्माण परियोजनाओं तक पहुंच रहा है। डामर की कीमतों में उछाल और आपूर्ति की परेशानी ने निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पत्रिका ने अपनी पड़ताल में पाया कि बारिश थमने के बाद जिस समय सड़कों की मरम्मत, फ्लाईओवर के काम और गांवों तक पहुंचने वाली सड़कों का निर्माण तेज होना चाहिए, उसी समय कीमतों ने झटका दिया है।
45 हजार प्रति टन डामर की कीमतें 1 लाख रुपए प्रति टन पहुंच चुकी हैं। इसकी वजह से प्रदेश में करीब 13 हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य प्रभावित होने का अनुमान है। डामर की किल्लत पर लोक निर्माण विभाग ने जानकारी उच्च अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई है, जिसके बाद मंथन जारी है। इधर, बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ चैप्टर के मुताबिक कीमतों में कमी नहीं होने की वजह से 9 हजार करोड़ रुपए के सड़क और 4 हजार करोड़ रुपए का भवन निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। लोक निर्माण विभाग के करीब 2 हजार करोड़ रुपए के गतिशील कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
लोकसभा में दी जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 3304 किलोमीटर पीएम ग्राम सड़क की लंबाई का काम शेष दर्ज था। इसमें बस्तर सहित प्रदेश के अन्य जिले शामिल हैं। 600 करोड़ रुपए मंजूर होने के बाद कार्य प्रभावित हैं।
बिल्डर्स एसोसएशन ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ चैप्टर का कहना है कि (बीएआई) महंगी सामग्री के कारण पुराने टेंडर की दरों पर काम करना मुश्किल हो रहा है। केंद्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में पात्र ठेकेदारों के लिए बिटुमिन और डीजल की बढ़ी लागत की भरपाई की व्यवस्था 31 दिसंबर तक बढ़ाई है। प्रदेश में मंत्रिमंडल ने मांग के बाद मई में एक सीमित अवधि के लिए बिटुमिन की असाधारण मूल्यवृद्धि पर आंशिक मुआवजा मंजूर किया था,लेकिन इसे आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। बिल्डिंग निर्माण में जमा मद के कार्य अधिकतम 600 करोड़ रुपए के हैं।
निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक, बिटुमिन की कीमतें मार्च-अप्रैल में करीब 45 हजार रुपए प्रति टन थी, जो मई में बढ़कर 1.05 लाख रुपए तक पहुंच गई। फिलहाल कीमत करीब 1 लाख रुपए प्रति टन पर आ चुकी है। अप्रैल 2026 में बिटुमिन का आयात पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले घटकर 2.36 लाख टन रह गया था।
मुकेश बंसल, सचिव, लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, विभिन्न क्षेत्रों में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्य जारी है। बिटुमिन की सप्लाई बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास जारी है। अलग-अलग मांगों के संबंध में प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
Updated on:
17 Oct 2026 08:36 am
Published on:
17 Oct 2026 08:36 am
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