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CG Green Summit: छत्तीसगढ़ का पहला हरित शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, CM साय ने इसे बताया दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती…

CG Green Summit: CM विष्णु देव साय ने कहा है कि पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन वर्तमान में राष्ट्रीय चिंतन का विषय बन गया है।

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CG Green Summit

CG Green Summit: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पर्यावरण संकट और जलवायु परिवर्तन वर्तमान में राष्ट्रीय चिंतन का विषय बन गया है। हम सभी को मिलकर इस समस्या से निपटने के लिए सहभागिता निभानी होगी। प्रदेश का 44 प्रतिशत हिस्सा वनाच्छादित है और हम इसे सहेजने का काम गंभीरता के साथ कर रहे हैं।

CG Green Summit: सब क्लाइमेट चेंज से हो रहा

मुख्यमंत्री गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में छत्तीसगढ़ हरित शिखर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष देश में गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। दुबई जैसे रेगिस्तानी इलाके में अत्यधिक बारिश होने से पूरा शहर बाढ़ की चपेट में आ गया। ये सब क्लाइमेट चेंज से हो रहा है। हम इसीलिए वनों को सहेज रहे हैं।

पीएम का 4 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य पूरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 4 करोड़ वृक्ष लगाने का जो लक्ष्य रखा गया था, वह हमने पूरा कर लिया है। हाल ही में हमने गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को टाइगर रिजर्व बनाने की पहल की है। (CG Green Summit) इसके माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यावरण के संवर्धन में भी बड़ी मदद मिलेगी और यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होगा।

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए हम किसान वृक्ष मित्र योजना, ग्रीन क्रेडिट योजना का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत हजारों पीपल के पेड़ लगाए गए हैं।

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हमने प्रकृति का साथ छोड़ा तो विकृति की ओर बढ़ने लगे

वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर क्षेत्र में हम आगे बढ़े लेकिन प्रकृति से हमने दूरी बना ली। हमने प्रकृति का साथ छोड़ा है, हम विकृति की ओर बढ़ने लगे हैं। वन मंत्री कश्यप ने जलवायु परिवर्तन सहित पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से राज्य शासन की आगामी कार्य योजनाओं और प्रयासों की जानकारी दी।
हमें पंचभूत की रक्षा करनी चाहिए।

प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे नन्दकुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति को आरण्यक संस्कृति कहा गया है। भारतीय संस्कृति का आदर्श रूप वनवासियों के जीवन में हमें दिखता है। हमारे लोक जीवन और लोक परंपराओं में प्रकृति और मानव के बीच संबंध के अनेक सुंदर उदाहरण देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ग्रीन समिट का मोटो परस्पर जीना अर्थात सह अस्तित्व होना चाहिए।

कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

CG Green Summit: हमें पंचभूत को अपना मानकर इसकी रक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के राष्ट्रीय समन्वयक गोपाल आर्य वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव ने भी संबोधित किया। (CG Green Summit) एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति पीयूषकांत पांडे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक डॉ असीसो माओ, एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर एन वी रमन्ना राव, पद्मश्री जागेश्वर यादव, एमिटी वाटर वूमेन ऑफ इंडिया क्षिप्रा पाठक सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।