2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG Medical Student: पैरेंट्स ने कॉलेज प्रबंधन को लिखा शपथपत्र, कहा- हमारे बच्चे किसी छात्र के साथ नहीं करेंगे रैगिंग

CG Medical Student: सभी पैरेंट्स ने कॉलेज प्रबंधन को शपथपत्र दिया है। इसमें लिखा है कि उनके बच्चे भविष्य में किसी छात्र के साथ रैगिंग नहीं करेंगे।

2 min read
Google source verification
cg news

CG Medical Student: छत्तीसगढ़ के रायपुर में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 6 छात्रों को रैगिंग के मामले में सस्पेंड किया गया है। इसमें 5 छात्रों के पैरेंट्स को बुधवार को बुलाया गया। सभी पैरेंट्स ने कॉलेज प्रबंधन को शपथपत्र दिया है। इसमें लिखा है कि उनके बच्चे भविष्य में किसी छात्र के साथ रैगिंग नहीं करेंगे। यही नहीं किसी अनुशासनहीनता में शामिल भी नहीं होंगे। कॉलेज प्रबंधन को पैरेंट्स ने आश्वास्त किया कि उनके बच्चे अब पढ़ाई पर ध्यान देंगे।

Medical College: कॉलेज में दिवाली के पहले सोशल मीडिया पर रैगिंग का मामला सामने आया था। इसमें नेशनल एंटी रैगिंग कमेटी के निर्देश पर कॉलेज की कमेटी ने सेकंड ईयर के एक छात्र को 10 दिनों के लिए कॉलेज से सस्पेंड किया था। इस छात्र का सस्पेंशन 13 नवंबर को पूरा भी हो गया। आर्डर 4 नवंबर को जारी किया गया था। वहीं 5 अन्य छात्रों का सस्पेंशन आर्डर 11 नवंबर को जारी किया गया।

यह भी पढ़ें: CG Medical College: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को अब करना होगा ये जरूरी काम, वरना नहीं मिलेगी छुट्टी

CG Medical College: हो सकता उनका शॉर्ट

सभी को एक माह के लिए क्लास व क्लीनिकल पोस्टिंग से सस्पेंड किया गया है। इन छात्रों की सस्पेंशन अवधि 10 दिसंबर को पूरी होगी। जिन छात्रों को एक माह के लिए सस्पेंड किया गया है, उनका शॉर्ट अटेंडेंस हो सकता है। ऐसे में ये मुख्य परीक्षा में बैठने से वंचित हो सकते हैं। एमबीबीएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी अटेंडेंस अनिवार्य है।

छात्र रेगुलर क्लास भी अटेंड करेंगे तो अटेंडेंस पूरा करने में दिक्कत हो सकती है। ये छात्रों के लिए बड़ा नुकसान होगा। हालांकि विवि इसमें एक रास्ता निकाल सकता है। इन छात्रों की अतिरिक्त क्लास लगाकर अटेंडेंस की कमी दूर करने का आदेश दे सकता है। सिस बिलासपुर में कम अटेंडेंस के केस में ऐसा आदेश विवि ने दिया था। जगदलपुर व रिस में भी ऐसा ही मामला सामने आया था।