
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में तलाक लेने के लिए पहुंचे दंपती ने न्यायाधीश की समझाइश पर साथ रहने की सहमति जताई। दोनों की सहमति पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हेमंत सराफ ने तलाक के आवेदन को खारिज कर दिया। अधिवक्ता भगवानू नायक ने बताया कि आर्य समाज मंदिर में अभिषेक (35 साल) और ज्योति (33 साल) का विवाह 11 जनवरी 2007 को हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद होने लगा।
CG News: इसके चलते पत्नी अपने दोनों बच्चों को लेकर अलग रहने लगी। वहीं पति ने तलाक के लिए कुटुंब न्यायालय में आवेदन लगाया। जिसमें अपनी पत्नी पर क्रूरता करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही बताया कि वह सिंचाई विभाग में वाहन चालक का काम करता है। कुटुंब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों का बयान लिया। इस दौरान पत्नी द्वारा पति पर क्रूरता करने का कोई मामला प्रमाणित नहीं हुआ।
पत्नी को मोबाइल पर बात करने पर शक करने, अत्यधिक शराब पीने से लिवर, किडनी खराब होने, शराब पीने को लेकर मना करने और शराब में रुपए खर्च करने पर दोनों के बीच विवाद होने की बाते प्रमुखता से सामने आईं। इसी तरह आवेदक पति के बीमार होने पर पत्नी के ही मायके वालों द्वारा अपने घर में लाकर इलाज और सेवा करने को बात आवेदक ने कोर्ट में स्वीकार किया।
वकालत के पेशे से जुड़ी अधिवक्ता पत्नी ने दोनों बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पति को तलाक देने से इनकार करते हुए पति के साथ रहने का इच्छा जताई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की सहमति पर तलाक का आवेदन खारिज कर दिया।
Updated on:
13 Oct 2024 12:27 pm
Published on:
13 Oct 2024 12:27 pm
