
CG News: हवाई यात्रा के दौरान फ्लाइट में बम होने की झूठी जानकारी देने के मामले में गिरफ्तार अनिमेष मंडल सेंट्रल आईबी के अफसर हैं। इसका खुलासा उस समय हुआ, उनसे जुड़े मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। इस मामले से जुड़ा न्यायालय रायपुर में नहीं है। इस कारण उनकी जमानत नहीं हो पा रही है।
बताया जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान अनिमेष ने आईबी अफसर होने की जानकारी पुलिस को दी थी। चूंकि बम होने की उनकी सूचना अफवाह निकली थी। इस कारण उनके आईबी अधिकारी होने पर संदेह के चलते उनकी बात नहीं मानी गई। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
उनके खिलाफ सिविल एविएशन एक्ट 3-1 डी के तहत अपराध दर्ज हुआ था। इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए रायपुर में कोई कोर्ट नहीं है। यह एक स्पेशल एक्ट के तहत कार्रवाई है। उस श्रेणी का न्यायालय नहीं है। इस कारण अब इसकी सुनवाई हाईकोर्ट में होगी।
14 नवंबर को नागपुर से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट में अनिमेष मंडल भी सवार थे। नागपुर से उड़ान भरने के बाद अनिमेष ने फ्लाइट में बम होने की सूचना दी। इससे फ्लाइट में सफर करने वाले दहशत में आ गए।
सुरक्षा के लिहाज से फ्लाइट को रायपुर एयरपोर्ट में उतारा गया। फ्लाइट की जांच की गई। उसमें बम नहीं मिला। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की शिकायत पर माना पुलिस ने अनिमेष के खिलाफ अपराध दर्ज किया। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
CG News: अनिमेष के वकील फैजल रिजवी का दावा है कि गिरफ्तारी के समय अनिमेष ने पुलिस को अपना परिचय दिया था। पुलिस ने उनका आईडी कार्ड जब्त कर लिया। दूसरी ओर उन्हें अपने उच्च अधिकारियों से बात करने नहीं दी गई।
एडवोकेट रिजवी का कहना है कि मामला स्पेशल एक्ट का है। इस एक्ट में दर्ज अपराध की सुनवाई उनके स्पेशल कोर्ट में होती है। रायपुर में सिविल एविएशन एक्ट के लिए स्पेशल कोर्ट नहीं है। इस कारण इस मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
Updated on:
10 Dec 2024 07:44 am
Published on:
10 Dec 2024 07:44 am
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