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CG Job News: 12 साल में 500 से ज्यादा ने छत्तीसगढ़ी में किया MA, नौकरी एक को भी नहीं मिली…

CG News: रायपुर राज्य की भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एमए छत्तीसगढ़ी की शुरुआत 12 साल पहले हुई थी, लेकिन इसकी पढ़ाई करने वाले को लेकर राज्य में कोई भी नौकरी नहीं है।

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खाद्य सुरक्षा अधिकारी का 5 साल में प्रमोशन(photo-patrika)

खाद्य सुरक्षा अधिकारी का 5 साल में प्रमोशन(photo-patrika)

CG Job News: छत्तीसगढ़ के रायपुर राज्य की भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एमए छत्तीसगढ़ी की शुरुआत 12 साल पहले हुई थी, लेकिन इसकी पढ़ाई करने वाले को लेकर राज्य में कोई भी नौकरी नहीं है। सरकार की ओर से कई बार छत्तीसगढ़ी में एमए करने वालों के लिए नौकरी देने की घोषणा की गई, लेकिन आज तक घोषणा से बात आगे नहीं बढ़ी।

राज्य के पांच सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में एमए छत्तीसगढ़ी की पढ़ाई कराई जा रही है। अब तक 500 से ज्यादा विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। हालांकि इन्हें रोजगार देने के लिए सरकार के पास कोई भी कोई योजना नहीं है।

CG Job News: पूर्व मुख्यमंंत्री और मंत्री कर चुके घोषणा

छत्तीसगढ़ी भाषा में एमए की पढ़ाई करने वालों के लिए सरकारी नौकरी देने की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मुख्यमंत्री रहते हुए किया था लेकिन उनके द्वारा कोई भी आगे कार्य नहीं किया गया। ऐसे ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा मंत्री रहते हुए भी छत्तीसगढ़ी में एमए करने वाले छात्रों के लिए नौकरी की घोषणा की थी। लेकिन आगे इसमें भी कुछ नहीं हो पाया।

रोजगार योजनाओं का अभाव, रेकॉर्ड भी नहीं

हाल ही में विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि छत्तीसगढ़ी भाषा में मास्टर डिग्री प्राप्त करनेे वाले विद्यार्थियों को रोजगार या नौकरी देने के लिए राज्य सरकार की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा, सरकार के पास नौकरी पाने वाले डिग्रीधारी विद्यार्थियों की संख्या का रिकॉर्ड भी नहीं है।

रोजगार के अवसरों की कमी

हाल ही में विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि छत्तीसगढ़ी भाषा में मास्टर डिग्री प्राप्त करनेे वाले विद्यार्थियों को रोजगार या नौकरी देने के लिए राज्य सरकार की कोई योजना नहीं है। इसके अलावा, सरकार के पास नौकरी पाने वाले डिग्रीधारी विद्यार्थियों की संख्या का रिकॉर्ड भी नहीं है।

नौकरी एक को भी नहीं मिली

रोजगार के अवसरों की कमी से डिग्रीधारकों में निराशा है। पं. रविवि के एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन सालों से इसके लिए मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि राज्य के स्कूलों में अनिवार्य रूप से छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई हो, सरकारी काम-काज की भाषा छत्तीसगढ़ी बने, स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर में छत्तीसगढ़ी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाए, रोजगार में छत्तीसगढ़ी, त्रिभाषा फार्मूला के तहत प्रदेश की राजभाषा छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई हो, सरकारी कार्यालय में छत्तीसगढ़ी अनुवादक के रूप में डिग्रीधारियों की भर्ती हो, राजभाषा आयोग में राजभाषा अधिकारी के रूप में नियुक्ति दी जाए।

इससे की बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके। एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन संजीव साहू ने कहा की छत्तीसगढ़ी में एमए करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के लिए कोई रोजगार नहीं है। इसके लिए संगठन की ओर से काफी समय से प्रदर्शन और मांग भी की जा रही है। सरकार की ओर से भी कई बार घोषणा भी की गई है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है।