भूपेश ने कहा, अगर समितियों ने धान के दाम में से उनके दिए कर्ज की राशि काट भी ली तो कांग्रेस की सरकार उन्हें वापस देगी। इन आश्वासनों के बाद भी कई किसान आशंकित हैं। वे अभी इंतजार ही करना चाहते हैं। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला बताते हैं, आसपास के किसानों को वे काफी दिन से कह रहे हैं, लेकिन लोग कह देते हैं, नवम्बर तो खत्म हो ही रहा है, 10 दिन और इंतजार कर लेंगे। राजिम क्षेत्र में बेलटुकरी गांव के भुनुराम साहू जैसे कई किसानों ने भी धान की मिजाई के बाद उन्हें प्लास्टिक के बोरे में सुरक्षित कर लिया है।