कांग्रेस में कोई नेता नहीं दिख रहा है जो बैठक कर रणनीति बनाए। इस सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा, ''सचिन पायलट कांग्रेस से उपेक्षित नेता हैं। बाकी जो बचते हैं वह एक परिवार का गिरोह हैं। गिरोह और पार्टी के नेता बनना दोनों में अंतर है। भाजपा के नेता सामाजिक लोग हैं। भूपेश बघेल ने पारिवारिक संस्था की तरह सरकार चलाई। जिनको पूछा नहीं गया था उनके पास मौका है बोलेंगे ही, एक परिवार की पूजा करते मानसिक रूप से लोग थक जाते हैं। छोडऩे का महत्वपूर्ण कारण यही है।" इसके अलावा उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहीं नजर नहीं आ रही है। बस्तर से लेकर सरायपाली तक मैंने यात्रा की है। कांग्रेस का समझ नहीं आ रहा है। कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कहां किया है, एक जिले के लोगों को दूसरे जिलों में बैठा दिया है। भूपेश बघेल दुर्ग के एस्टेब्लिश लीडरशिप को समाप्त करना चाहते हैं।