राहुल जैन ञ्च रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुए मतदान के बाद कांग्रेस-भाजपा के वरिष्ठ नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। कांग्रेस का मानना है कि अधिक मतदान होना उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। वहीं भाजपा का कहना है कि पिछली बार और इस बार के मतदान प्रतिशत में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। इन सब के बीच पत्रिका ने आंकड़ों को खंगाला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कुल 43 सीटों पर 80 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। इन सीटों पर कांग्रेस आगे रही थी। वहीं 2003 में 11 सीटों पर 80 फीसदी मतदान हुआ था। इन सीटों पर भाजपा आगे थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में 39 सीटों पर 80 फीसदी मतदान हुआ है। इनमें कांग्रेस-भाजपा कौन आगे रहेगी, यह तो 11 दिसम्बर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल कांग्रेस-भाजपा दोनों अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रही हैं।
प्रदेश में दो चरण में विधानसभा चुनाव हुए हैं। पहले चरण की 18 में से 9 और दूसरे चरण की 72 में से 30 सीटों पर अधिक मतदान हुआ है। अगर 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखें तो 43 सीटों पर 80 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। इसमें कांग्रेस के खाते में सर्वाधिक 25 सीट आई थी। जबकि भाजपा को 17 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। 2008 के विधानसभा चुनाव में भी 80 फीसदी से अधिक मतदान वाली सीटों पर कांग्रेस का कब्जा ज्यादा था। 2008 में आठ सीटों पर 80 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। इनमें से पांच सीट कांग्रेस और तीन सीट पर भाजपा ने चुनाव जीता था।