मुख्यमंत्री यह भी जानकारी दी कि खनिज विभाग की ओर से एक आदेश जारी हुआ था। संचालक के द्वारा यह आदेश 15 जुलाई 2020 को जारी हुई थी जिसमें यह व्यवस्था दी गई थी कि खनिज सम्मिलित द्वारा ई परमिट का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही इस ट्रांजिट पास किया जा सकेगा। इसके पहले जो ऑनलाइन प्रक्रिया थी, उसे बंद कर कर ऑफलाइन किया गया, जिसके कारण परिवहन में भी लेट होता था, और भ्रष्टाचार का भी समावेश हो गया था।