
CG Congress Protest: छत्तीसगढ़ के रायपुर ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे और कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के नाम शामिल हैं। इसके विरोध में रायपुर के राजीव गांधी चौक स्थित ईडी दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।
इसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस दौरान भूपेश बघेल ने कहा, कांग्रेस को दबाने और कांग्रेसियों को बदनाम करने की साजिश हो रही है। नेशनल हेराल्ड पैसा कमाने का जरिया नहीं था।
उम्मीद नहीं थी कि ईडी इस स्तर पर जाएगी। प्रदर्शन से पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि राहुल गांधी के देशभर में सक्रिय होने, एआईसीसी अधिवेशन के फैसलों और इंडिया अलायंस की एकजुटता के बाद यह साफ था कि कोई ना कोई प्रतिक्रिया जरूर आएगी, लेकिन ईडी जैसी संस्था इस स्तर तक जाएगी, इसकी उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई ने अपनी सीमाएं लांघ दी है। उन्होंने कहा, चार्जशीट में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नाम डालकर कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस कभी दबी है, न दबेगी। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
नेशनल हेराल्ड केस में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी के खिलाफ ईडी के द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने को कांग्रेस ने भाजपा का खीझ बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, ईडी सत्ता की गुलाम बन चुकी है, इसे भंग कर देना चाहिए। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट मोदी के डर को दिखाती है। जिस मुखरता से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, जनता की आवाज उठा रहे हैं।
उससे घबराकर मोदी सरकार ने ईडी के माध्यम से यह षड़यंत्र रचा है। भाजपा की केंद्र सरकार दबाव की राजनीति कर रही है। वह सोच रही है कि ईडी, सीबीआई, आईटी और सुरक्षाबलों को आगे कर कांग्रेस द्वारा जनता के हित में उठाए जाने वाली आवाज को दबा देंगे। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का नेतृत्व भाजपा की इन दमनकारी नीति से डरने वाला नहीं है।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था।
आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन बनाया और उसके जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ऐसा दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने 2000 करोड़ रुपए की कंपनी को केवल 50 लाख रुपए में खरीदे जाने को लेकर सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। जून 2014 ने कोर्ट ने सोनिया, राहुल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया। अगस्त 2014 में ईडी ने इस मामले में एक्शन लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। दिसंबर 2015 में दिल्ली के पटियाला कोर्ट ने सोनिया, राहुल समेत सभी आरोपियों को जमानत दे दी।
Updated on:
17 Apr 2025 02:50 pm
Published on:
17 Apr 2025 11:16 am
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