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धोखाधड़ी : बड़े भाई ने दिया धोखा, बैंक में फर्जी सहमति पत्र पेश कर हड़प लिए 13 लाख मुआवजे की राशि

धरमजयगढ़ पुलिस ने कल लंबे समय से फरार धोखाधड़ी के आरोपी खेमसाय सारथी (70 साल) निवासी ग्राम चारमार थाना करतला जिला कोरबा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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रायगढ़. आरोपी अपने तीन छोटे भाइयों के साथ धोखाधड़ी कर जमीन मुआवजा में मिले 13 लाख रुपए बैंक में फर्जी सहमति पत्र पेश कर निकाल लिया और सारे रूपये खर्च कर लौटाने से इंकार कर किया था।

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इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आवेदक मोतीराम सारथी पिता स्व. बुधराम सारथी उम्र 48 वर्ष निवासी चारमार थाना करतला जिला कोरबा हाल मुकाम ग्राम कुचैना थाना कुसमुण्डा जिला कोरबा के द्वारा धोखाधड़ी के संबंध में आवेदन दिया था। इसके अनुसार खेमसाय सारथी, हीराराम सारथी, गंगाराम सारथी, मोतीराम सारथी निवासी ग्राम धसकामुड़ा, थाना- छाल , तहसील- धरमजयगढ़ के निवासी हैं।

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इनके पैतृक गांव के सामिलाती भूमि ग्राम धसकामुडा प.ह.न. 46 खसरा न. 488/3 रकबा 0.405 हेक्टेयर को रेल्वे द्वारा अधिग्रहण किया गया। इसका मुआवजा राशि कुल 13,27,000 रुपए मिला। जिसे इसका बड़ा भाई खेमसाय सारथी चोरी छिपे आईसीआईसीआई बैंक शाखा धरमजयगढ़ में खाता खुलवाकर पूरी रकम अपने खाते में डालकर फर्जी सहमति पत्र नोटरी से तैयार कराकर रकम आहरण कर लिया।

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आवेदक एवं अन्य भाइयों के द्वारा आपसी मुआवजा का बंटवारा करने कहने पर किसी को पैसा नहीं देने भोला शिकायती आवेदन पत्र पर 27 मार्च 2022 को आरोपी खेमसाय सारथी के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

परिचितों के यहां छिप रहा था आरोपी
आरोपी लंबे समय से अपने जान परिचित के यहां शरण लिया हुआ था। इसकी सूचना देने धरमजयगढ़ पुलिस अपने मुखबिर तैनात किए। बीते रविवार को मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। आरोपी पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर मुआवजा में प्राप्त रकम को खर्च कर देना बताया। ऐसे में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। जहां से उसे जेल वारंट पर जेल दाखिल किया गया है। आरोपी की पतासाजी व गिरफ्तारी की कार्रवाई में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ उपनिरीक्षक नंदलाल पैंकरा, प्रधान आरक्षक प्रकाश तिवारी की प्रमुख भूमिका रही है।