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चुनाव आयोग : गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा रोकने परिवहन विभाग ने किया जीपीएस अनिवार्य

CG Election 2023 : विधान सभा चुनाव के दौरान ईवीएम, वीवीपैट मशीन और सेक्टर प्रभारियों के करीब 8000 वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा।

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चुनाव आयोग : गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा रोकने परिवहन विभाग ने किया जीपीएस अनिवार्य

चुनाव आयोग : गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा रोकने परिवहन विभाग ने किया जीपीएस अनिवार्य

रायपुर। CG Election 2023 : विधान सभा चुनाव के दौरान ईवीएम, वीवीपैट मशीन और सेक्टर प्रभारियों के करीब 8000 वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें करीब 5000 यात्री और स्कूल बस, 2500 कार, 400 ट्रक और 100 कंटेनर टाइप व्हीकल शामिल हैं। इन सभी वाहनों पर जीपीएस सिस्टम के जरिए वाहनों के मूवमेंट पर चुनाव आयोग नजर रहेगी। ताकि गंतव्य स्थान पर सुरक्षित रूप से ईवीएम और वीपीपैट मशीनों को पहुंचाया जा सकें।

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वहीं सेक्टर प्रभारियों और मतदान दलों की आवाजाही को देखा जा सकें। इस पहल से एक तरफ मतदान दल और सामग्री को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। वहीं किसी भी तरह की गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा को रोका जा सकेंगा। किसी भी तरह की आपात स्थिति और नक्सलियों द्वारा चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतदान कर्मियों और सामग्री को नुकसान पहुंचाने पर तत्काल फोर्स भेजकर एक्शन लिया जा सकेगा।

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बता दें कि चुनाव आयोग के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा 13 अक्टूबर को निविदा जारी की गई थी। इसके दस्तावेजों की जांच करने के बाद जीपीएस सिस्टाम से निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाने की जिम्मेदारी एक कंपनी को सौंपी गई है। वाहनों में लगे जीपीएस का सिग्नल के जरिये वाहनों पर जिला और राज्य स्तर पर बनाए गए चुनाव कंट्रोल रुम के साथ ही सीईओ और सीईसी कार्यालय की नजर रहेगी।

नक्सल प्रभावित इलाकों पर पैनी नजर

छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 7 नवंबर को 20 सीट पर मतदान होना है। इसमें अधिकांश सर्वाधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र शामिल है। इन क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से मतदान कराने कर्मचारियों और मशीनों को भेजने के लिए गोपनीय रणनीति तैयार की है। इसके तहत मतदान दलों, ईवीएम और वीवीपैट मशीन का परिवहन करने वाले वाहनों के आगे और पीछे सुरक्षा बलों के जवान तैनात रहेंगे। वहीं फोर्स के जवानों की सहायता के लिए बैकअप टीम भी साथ रहेगी। बता दें कि बस्तर में कई मतदान दलों के नक्सलियों के डर से अंदरुनी क्षेत्रों में नहीं जाने या तय स्थान के बदले कहीं और मतदान कराने के आरोप लगाते रहे हैं। बताया जाता है कि जिन वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा उनमें ऐसा सिस्टम होगा कि गाड़ी के एक ही स्थान पर ज्यादा देर तक रुकने पर कंट्रोल रुम व्हीप की आवाज आने लगेगी।

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मशीन पहुंचाने शासकीय वाहन

ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को मतदान केंद्रों तक सुरक्षित रूप से भेजने के लिए शासकीय वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ ही राज्य पुलिस की मालवाहक मंगवाए गए है। इन वाहनों में जीपीएस लगाने के बाद गंतव्य स्थान पर रवाना किया जाएगा।