DA Hike: रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेशभर के कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। इसमें सातवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों को डीए में 5 और छठवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों के डीए में 11 फीसदी वृद्धि की है। इसके बाद भी प्रदेशभर के कर्मचारी नहीं माने। जिसके बाद शुक्रवार को कर्मचारी संगठन सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की 5 सूत्रीय मांगों में डीए बढ़ाने की मांग भी शामिल थी। वहीं डीए बढ़ाने के फैसले से राज्य सरकार को हर साल एक हजार करोड़ का वित्तीय भार आएगा।
बाजार मूल्य गाइडलाइन दरों में 30 फीसदी की रहेगी कमी: आम लोगों को सस्ते दरों पर आवास उपलब्ध कराने के लिए बाजार मूल्य की गाइडलाइन में इस साल भी 30 फीसदी की छूट जारी रहेगी। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आवंटन, अतिक्रमित भूमि का व्यवस्थापन और गैर रियायती एवं रियायती स्थायी पट्टों को भूमिस्वामी अधिकार में परिवर्तित करते समय देय राशि के आधार पर स्टांम्प शुल्क, पंजीयन शुल्क तथा नगरीय निकाय शुल्क में छूट दी जाएगी।
ऐसे मिलेगा फायदा
कर्मचारी राशि
प्रथम श्रेणी – 3,000 से 5,000
द्वितीय श्रेणी – 2,200 से 2,800
तृतीय श्रेणी – 1,300 से 1,900
चतुर्थ श्रेणी – 700 से 1,000
बिरनपुर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
Chhattisgarh DA 2023: बैठक में बेमेतरा जिले के ग्राम बिरनपुर में 8 अप्रैल को हुई घटना के संबंध में भी चर्चा हुई। इसमें फैसला लिया गया कि घटना में मृतक साहू के परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। बता दें कि दो समुदाय के बीच हुए विवाद के बिरनपुर में एक युवक की हत्या हो गई थी।
शिक्षक भर्ती से विषयवार पदों की बाध्यता हटाई
स्कूल शिक्षा विभाग ने व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के 12 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें बस्तर और सरगुजा संभाग में शिक्षकों के रिक्त 3722 एवं सहायक शिक्षकों के 5577 पदों को भरने के लिए विषयवार पदों की जानकारी नहीं गई थी। इस वजह से मामला कोर्ट भी पहुंचता था। इसके बाद कैबिनेट ने विषयवार पदों की बाध्यता खत्म कर दी गई है।
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वीआरएस के लिए सेवा अवधि अब 17 वर्ष
DA in Chhattisgarh government employees : बैठक में कर्मचारियों को दो और सौगातें दी गई है। बैठक के बाद मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए पूर्ण पेंशन की पात्रता अवधि को 33 वर्ष से घटाकर 30 वर्ष करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए सेवा की अवधि को 20 वर्ष से घटाकर 17 वर्ष कर दिया है।
यह है कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
– सैन्य छावनी के लिए चकरभाटा, बिलासपुर में कुल रकबा 1012.48 एकड़ भूमि को समर्पित कर भुगतान की गई मुआवजा राशि को वापस करने का निर्णय।
– छत्तीसगढ़ राज्य जल विद्युत परियोजना (पम्पं स्टोरेज आधारित) स्थापना नीति 2022 के संशोधन प्रारूप को मंजूरी।
– संबलपुर, भंवरपुर और लाल बहादुर नगर बनेगी नगर पंचायत। आबादी के निर्धारित मापदण्ड में दी छूट।
– औद्योगिक नीति 2019-24 में जुड़ी महिला उद्यमिता नीति।
– वन विभाग में 26 मार्च 2003 के बाद से नियुक्त किए गए समस्त वन रक्षकों का वेतनमान 3050-4590 होगा।
– राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसरों मिलेगा वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान।
– वरिष्ठ समाजसेवी प्रभुदत्त खेरा द्वारा संचालित अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छपरवा विकासखण्ड लोरमी वर्तमान में पूर्व से कार्यरत 7 कर्मचारियों को इस स्कूल के लिए स्वीकृत सेटअप में समायोजन कर होगा संविलियन।