
1 मई से 18 प्लस वालों के लिए शुरू हो रहा वैक्सीनेशन: छत्तीसगढ़ के युवाओं को करना पड़ेगा इंतजार
रायपुर. देश में टीकाकरण का तीसरा चरण (18+ वालों को टीका) 1 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका तय समय पर शुरू होना नामुमकिन सा है। इसके दो स्पष्ट कारण हैं। पहला- वैक्सीन की दरों को लेकर केंद्र, राज्य और कंपनियों के बीच जारी गतिरोध और दूसरा-जरूरत के मुताबिक COVID Vaccine की अनुपलब्धता। ऐसे में प्रदेश के 1.10 करोड़ युवाओं को टीकाकरण के लिए इंतजार करना पड़ेगा। संकट इतना गहराने वाला है कि निजी अस्पतालों के पास 1 मई के बाद 45 प्लस वालों को लगाने के लिए भी टीका नहीं होगा।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने वैक्सीन निर्माता दोनों कंपनियों से बातचीत की है, मगर दरों को तय कुछ नहीं हो पाया। स्वास्थ्य विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि असम, जिसने सबसे पहले वैक्सीन की बुकिंग की, को भी 30 से 35 दिनों में वैक्सीन उपलब्ध करवाने की बात कंपनियों ने की है। इससे समझा जा सकता है कि उत्पादन क्षमता मांग के अनुपात में बहुत कम है।
स्वास्थ्य मंत्री TS Singh Deo ने भी 'पत्रिका' से बातचीत में कहा- केंद्र द्वारा बजट में 30,000 करोड़ वैक्सीनेशन के लिए रखकर, राज्यों को टीके का बंदोबस्त करने को कहना जनता के साथ सरासर धोखा है। केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम का कहना है कि एक देश में 5 दाम कैसे हो सकते हैं। इससे राज्य के खजानों का नुकसान होगा। क्या प्रधानमंत्री टीका बनाने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने में लगे हैं।
सीएम बोले- आपदा भी जनता झेले, बचने का बोझ भी
सीएम भूपेश बघेल(CM Bhupesh Baghel) ने ट्वीट किया, 'छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन का भुगतान राज्य सरकार करेगी। अपने नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह पर्याप्त संख्या में वैक्सीन उपलब्धता सुनिश्चित करे। केंद्र सरकार को 150 रुपए में मिलने वाली कोवैक्सीन यदि प्राइवेट अस्पताल में लगवाएं तो आपको 1500 रुपए खर्च करने होंगे। आपदा भी जनता ही झेले, आपदा से बचने का आर्थिक बोझ भी जनता ही झेले।'
केंद्र का तुगलकी फैसला: सिंहदेव
रविवार को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की वर्चुअल बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव समेत कांग्रेस शासित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री मौजूद रहे। सिंहदेव ने बैठक में कहा, संक्रमण के नियंत्रण में केंद्र सरकार ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। वैक्सीन नहीं देने का तुगलकी निर्णय भी केंद्र ने लिया। टूटती अर्थव्यवस्था में वैक्सीन का बोझ राज्यों पर डाल दिया। टीके के दाम भी 600 रुपए कर दिए। क्या केंद्र अपने ही उपक्रमों को पैसा नहीं देगा?
टीकाकरण पहली प्राथमिकता हो- डॉ. रमन
पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह(Raman Singh) ने कहा, इस समय आदमी की जान से बड़ी कोई कीमत नहीं है। वैक्सीन खरीदी में राज्य का पैसा जाए या केंद्र का, बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हर राज्य को इसे प्राथमिकता के साथ लेना चाहिए। वैक्सीन के लिए ऑर्डर जितनी जल्दी दें उतना अच्छा है।
45 प्लस वालों को निजी अस्पतालों में 1 मई से नहीं लगेंगे टीके
राज्य स्वास्थ्य विभाग केंद्र से मिले टीके निजी अस्पतालों को उपलब्ध करवा रहा है। मगर, 1 मई से टीके नहीं दिए जाएंगे। यानी 1 मई से 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग वालों को निजी अस्पतालों/निजी टीकाकरण केंद्रों में टीके नहीं लगेंगे। विभाग द्वारा इससे संबंधित पत्र सभी जिलों को जारी हो चुके हैं।
Updated on:
26 Apr 2021 03:01 pm
Published on:
26 Apr 2021 02:29 pm
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