
दरिंदा बाप नाबालिग बेटी को बनता था हवस का शिकार, कोर्ट ने सुनाई माता- पिता को 20 साल की सजा
रायपुर । छत्तीसगढ़ में नाबालिग से रेप की घटना को अंजाम देने वाले पिता को कोर्ट ने आज सजा सुनाई है। दस वर्षीय नाबालिक बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पीड़िता के सौतेले पिता के साथ ही मां को भी दोषी ठहराया है। न्यायालय ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पिता के ऊपर 70 हजार और मां के ऊपर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
माना में रहने वाला सुनील बहादुर अपनी दस वर्षीय सौतेली बेटी के साथ साल 2018 से लगातार दैहिक शोषण कर रहा था। सौतेले पिता द्वारा बच्ची से बलात्कार करने की जानकारी उसकी मां को भी थी। सौतेले पिता के दरिंदगी से परेशान बच्ची ने इसका विरोध करते हुए घर में रहने से जब इंकार कर दिया तो मां उसे शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में सौंप दिया। जहां बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षिका रत्ना दुबे ने बच्ची के गुमसुम रहने पर उससे बात की तो बच्ची ने उन्हें आपबीती सुनाई। जिसके बाद रत्ना दुबे ने 9 मई 2019 को पंडरी थाना में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सौतेले पिता सुनील बहादुर को दोषी माना। इसके साथ ही न्यायालय ने बच्ची की मां सीता थापा को भी मामले में दोषी मानते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई।
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Updated on:
10 Jan 2020 08:57 pm
Published on:
10 Jan 2020 08:57 pm
