
रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जमीन हथियाने वाला गिरोह सक्रिय है। तेंदुआ, सोनडोंगरी, गुमा और सिलतरा जैसे इलाके में एक गिरोह द्वारा 22 किसानों से ठगी की गई है। पहले किसानों की अर्थिक जरूरत का फायदा उठाकर उन्हें कुछ रुपए देकर जमीन का एग्रीमेंट लिखवा लिया गया।
इसके बाद समय पूरा होने पर जब किसान पैसा वापस करना चाह रहे हैं तो गुढिय़ारी निवासी एक रसूखदार द्वारा एग्रीमेंट का हवाला देकर न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही है और न ही किसानों की एग्रीमेंट की राशि वापस लेकर किसानों को कर्ज मुक्त किया जा रहा है। ऐसे में बीते पांच साल के किसान अपनी ही जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। इस गिरोह का सरगना पार्षद चुनाव में प्रत्याशी रह चुका है। अब खुद को एक पूर्व मंत्री का करीबी बताकर किसानों से ठगी का खुला खेल खेल रहा है। अब थाने में भी किसानों को समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
गांव-गांव में दलाल
इस गिरोह के दलाल गांव-गांव में मौजूद हैं। जिन किसानों को स्वास्थ्य समस्या, लड़के-लड़की की शादी व अन्य जरूरतों के लिए पैसों की जरूरत होती है, उन्हें अपना शिकार बनाते हैं। किसानों को घेरे में लेने के लिए उसकी मजबूरी की जानकारी दलालों द्वारा गिरोह के सरगना को दे दी जाती है।
किसानों को धमका कर कराते हैं चुप
जिन किसानों द्वारा एग्रीमेंट खत्म करने की कोशिश की जाती है, उन्हें धमका कर चुप करा दिया जाता है। इसलिए अधिकांश किसान शिकायत भी नहीं करते।
बिना नोटरी किए हुए 2-2 साल पुराने एग्रीमेंट से जमीन हड़पने की धमकी
कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे किसानों ने पत्रिका को बताया कि उनकी मजबूरी के समय आरोपी ने एग्रीमेंट दो साल पहले किया था। जिसमें न तो एग्रीमेंट की तारीख लिखी है और न ही नोटरी करवाया गया। अब उसी एग्रीमेंट को दिखाकर जमीन बंधक बनाकर रखे हुए हैं।
रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा, मामला गंभीर है। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक को जांच करवाने के लिए कहा जाएगा।
Published on:
08 Nov 2020 02:08 pm
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