
दुर्गा उत्सव में दिखेगी देश-प्रदेश के धार्मिक स्थलों की झलक
रायपुर। Durga Puja 2023 : दुर्गा उत्सव को लेकर शहर की समितियां लोगों का ध्यान आकर्षण के लिए अलग-अलग प्रसिद्ध व दर्शनीय स्थलों का पंडाल निर्माण कर रहीं हैं। इसके अलावा पंडाल में नवाचार देखने को मिल रहा है। पहले अधिकांश कपड़े के उपयोग से पंडाल निर्माण किया जाता है, जो कि अब फाइवर, कांच सहित कई लाइटों से हो रहा है। शहर में लगभग सभी समितियों द्वारा पंडाल का निर्माण हो चुका है, तो कई समितियां प्रतिमा भी पंडाल में रख दिए है।
गुढ़ियारी पड़ाव में बम्लेश्वरी, रतनपुर महामाया गुढियारी दुर्गा उत्सव समिति के संजय मित्तल व राकेश दुग्गड़ ने बताया कि हम विगत 6 वर्षों से गुढियारी पड़ाव मैदान में दुर्गा बैठा रहे हैं। इस वर्ष हम मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख देवी डोंगरगढ़ बमलेश्वरी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी माता, बागबाहरा चंडी देवी, खल्लारी, चंद्रहासनी, रतनपुर महामाया, धमतरी की बिलाईमाता, बालोद झलमला की गंगा मइया, रायपुर की बंजारी माता के लिए नौ पंडाल तैयार किए हैं। इसके अलावा पंडाल के सामने ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा विराजमान रहेंगी।
केदारनाथ मंदिर व कांच का शीश महल
शहर के बूढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक स्थित दुर्गा उत्सव समिति द्वारा इस बार केदारनाथ मंदिर के थीम पर पंडाल बना रहे हैं, जिसकी ऊंचाई करीब 50 से 60 फीट होगी। इसके अलावा ठेठवार पारा श्रीकृष्ण बाल समाज दुर्गा उत्सव समिति द्वारा शीश महल बनाया गया है। पूरे पंडाल के सामने हिस्से में कांच के दर्पण है। इसके साथ कई समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल के साथ विशेष प्रकार का झूमर भी लगाया गया है।
बिलासपुर, ओडिशा में प्रतिमाओं की मांग
दुर्गा प्रतिमा को मूर्तिकार अब आखिरी रूप देने की तैयारी कर रहे हैं। मूर्तिकार पीलूराम साहू व परम यादव ने बताया कि लगभग सभी मूर्तियां बनकर तैयार हो गई है, वहीं कई समितियां प्रतिमाएं ले भी गए हैं। दुर्गा प्रतिमा रायपुर, थनौद, अंजोरा, माना कैम्प, पाटन, रायपुरा, चंगोराभाटा में तैयार की जा रही है। प्रदेश सीमा से लगे महाराष्ट्र, ओडिशा व मध्यप्रदेश के लोग भी दुर्गा प्रतिमा लेने आते हैं।
बढ़ सकती है प्रतिमाएं
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दुर्गा प्रतिमाएं बढ़ सकती है। 2022 में महादेव घाट विसर्जन कुंड में 1174 समितियों ने दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया था। इस बार शहर के कई स्थानों पर नए पंडाल लग रहे हैं।
गाइडलाइन जारी, दुर्गा माता मूर्ति का विसर्जन सिर्फ दो दिन ही
दुर्गा माता मूर्ति का विसर्जन सिर्फ दशहरा एवं दशहरा के अगले दिन ही किया जाएगा। जिला प्रशासन ने नवरात्रि के संबंध में समस्त डीजे संचालक, धुमाल संचालक, गरबा आयोजक और दुर्गा माता की स्थापना करने वाली समितियों की गुरुवार को बैठक ली। एडीएम और एएसपी शहर ने बैठक में उपस्थित सभी लोगों को गाइडलाइन की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए वर्तमान में लागू आचार संहिता को देखते हुए पंडाल में किसी प्रकार का चुनाव प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा। अनाधिकृत व असामाजिक तत्वों से बचाव के लिए पंडाल में कैमरे लगाए जाएं। पंडाल का निर्माण सार्वजनिक स्थल, रोड को घेरकर नहीं किया जाए। धीमे स्वर में सुबह 06 से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग किया जा सकता है, परन्तु रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग करते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
दिए यह आदेश
- वाहनों को मॉडीफाई कर डीजे व धुमाल बजाया जाना प्रतिबंधित किया गया है।
- सार्वजनिक स्थल में तेज आवाज में डीजे व धुमाल का उपयोग करने पर जब्ती एवं राजसात किया जाएगा।
- दुर्गा माता मूर्ति विसर्जन की अनुमति सिर्फ दशहरा एवं दशहरा के अगले दिवस तक होगी।
- रास गरबा एवं डांडिया में पास के माध्यम से परिवार अथवा कपल को ही एंट्री दी जाए।
- आयोजन स्थल में पर्याप्त वालेंटियर की व्यवस्था की जाए।
- रासगरबा, डांडिया तथा दुर्गा माता के पंडालों में केवल धार्मिक गाने चलाने के निर्देश।
- मूर्ति आगमन, स्थापना तथा विसर्जन के दौरान न्यायालय तथा शासन के निर्देशानुसार केवल ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी।
- आयोजन स्थल में अस्थायी विद्युत कनेक्शन लिए जाने के लिए सभी को निर्देशित किया गया।
- नवरात्रि के दौरान साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जाएगी।
- असामाजिक तत्वों अथवा हथियार रखने वाले व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थानों में दिए जाने को कहा गया।
Published on:
13 Oct 2023 09:45 am

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