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चुनाव के चक्कर ने काम नहीं कर रही हैं बाईयां, रोज मिल रहा 500 और दो टाइम का खाना

यह कह कर छुट्टी ले ली है कि अब वह चुनाव के बाद ही काम में आएगी। जबकि इससे कम समय प्रचार में देने पर दोगुने पैसे मिल जाते हैं। इसलिए अभी उसने घरों में जाकर काम करना बंद कर दिया है।

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रायपुर। नगर निगम चुनाव का प्रचार प्रसार अब ४ दिन और चलेगा। चुनावों में पार्षद अपने चुनाव प्रचार के लिए घरों में गृहणियों का हाथ बटाने वाली कामवाली बाइयों का सहारा ले रहे हैं। मेहनत मजदूरी करके अपनी दो रोटी का जुगाड़ करने वाले यह कामवाली महिलाएं अब अलग अलग दलों के लिए प्रचार कर रही हैं।

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चुनाव प्रचार के चलते कामवालियां घरों में काम करने नहीं पहुंच रही हैं और अगर पहुंच भी रहीं है तो विलंब के साथ। एक कामवाली बाई के मुताबिक वह चार घर में काम करती थीं, जिससे उसे एक घर से 12 रुपए मिलते थे। इस तरह उसे घरों में काम करने के बदले उसको रोजाना ३00 से ३50 रुपए मिलते हैं।

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उसने यह कह कर छुट्टी ले ली है कि अब वह चुनाव के बाद ही काम में आएगी। जबकि इससे कम समय प्रचार में देने पर दोगुने पैसे मिल जाते हैं। इसलिए अभी उसने घरों में जाकर काम करना बंद कर दिया है।

500 रुपए मिलेगा रोज

दरअसल, चुनाव के दौरान राजनीतिक दल इन बाइयों को 500 से 600 रुपए प्रतिदिन दे रहे हैं। इन पैसों के बदले इन महिलाओं को घर-घर जाकर उम्मीदवारों का प्रचार करना होता है। ऐसे में अगर महिलाएं 20 से 30 का समूह बनाकर सुबह ही घर से निकल जाती हैं और शाम को वापस लौटती हैं।

दो टाईम खाना मिलता है

एक एजेंट के अनुसार पैसों के अलावा इन महिलाओं को कपड़े और खाने को भी दिया जाता है। एक कामवाली बाई के अनुसार उन्हें प्रचार करने का रोजना नकद पैसा दिया जाता है, ऐसे वो काम के बजाय चुनाव प्रचार को अधिक पसंद करती हैं। बाई का कहना है कि घरों में पूरा दिन काम करके कुछ रुपए मिलते हैं, जबकि प्रचार में सुबह शाम का समय देकर ही अच्छे पैसे हाथ आ जाते हैं।

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