28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ढाबे-मैरिज पैलेस में पार्किंग नहीं, सर्विस रोड तक फैली कुर्सी-टेबल, सड़क फोरलेन से टू-लेन में तब्दील

ढाबों में जिस स्थान पर पार्किंग की सुविधा देनी चाहिए वहां दुकान ही आगे तक बढ़ा लिया गया है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Deepak Sahu

•

Updated: 10 Sep 2018, 3:58 PM IST

illegal hotel

ढाबे-मैरिज पैलेस में पार्किंग नहीं, सर्विस रोड तक फैली कुर्सी-टेबल, सड़क फोरलेन से टू-लेन में तब्दील

रायपुर. राष्ट्रीय राजमार्ग के कई स्थानों पर अवैध कब्जों की वजह से सडक़ फोरलेन से टू-लेन में तब्दील हो चुका है। सडक़ किनारे संचालित होने वाले अवैध ढाबे, रेस्टोरेंट, मैरिज पैलेस की वजह से रिंग रोड का सर्विस रोड सिमटकर आधा रह गया है। कई स्थानों पर पूरी सर्विस रोड ही गायब है।

मतलब यहां बड़े वाहन जैसे ट्रक, ट्रेलर, मालवाहक अन्य वाहनों की पार्किंग होने की वजह से दोपहिया और कार सवार चालकों को समझ ही नहीं आता कि यहां सर्विस रोड भी है। यह स्थिति रायपुर-दुर्ग मार्ग पर टाटीबंध चौक के आस-पास, रायपुर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के रास्ते में मंदिर हसौद रोड पर, रायपुर से बिलासपुर रोड, रायपुर से नई धमतरी रोड होते हुए जगदलपुर मार्ग, रायपुर से पुरानी धमतरी रोड होते हुए जगदलपुर मार्ग। इन मार्गों पर एक भी ढाबे में पार्र्किंग की सुविधा नहीं है। रिंग रोड के सर्विस रोड तक गाडिय़ों की पार्किंग हो रही है। यही हालात मैरिज पैलेस और रेस्टोरेंट की है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इनके अवैध संचालन पर कई वर्षों से कार्यवाही नहीं होना भी सवालों के घेरे में हैं।

राजधानी में सेरीखेड़ी से लेकर नया रायपुर(अटलनगर) तक खतरा बढ़ा है। बीते पांच वषों में यहां अवैध संस्थानों की संख्या ५ गुणा बढ़ चुकी है, वहीं वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ा है। जीई रोड होने की वजह से २४ घंटे हल्के, मध्यम और भारी वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सडक़ तक सजे होने की वजह से किसी भी बड़ी दुर्घटना का शिकार ढाबों में खाना खा रहे परिवार और युवाओं को होना पड़ता है।

ढाबों में जिस स्थान पर पार्किंग की सुविधा देनी चाहिए वहां दुकान ही आगे तक बढ़ा लिया गया है। इसकी वजह से यहां आने वाले ग्राहकों की मजबूरी बन जाती है कि गाडिय़ों को सर्विस रोड पर ही खड़ी करें। यहां युवाओं के साथ परिवार भी आते हैं, लेकिन खतरा तब होता है, जब हैवी लोडेड गाडिय़ों की रफ्तार इन गाडिय़ों को चपेट में ले लेती है।

राजधानी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोटे-बड़े मैरिज पैलेस और ढाबों की संख्या में 200 से अधिक है। इनमें ले-आउट अप्रूव्ड संस्थानों की बात करें तो इनकी संख्या 10 फीसदी भी नहीं है। ये सभी संस्थान जीई रोड के किनारे संचालित हो रहे हैं। दो साल पहले जिला प्रशासन ने मैरिज पैलेस पर कार्यवाही के लिए अभियान चलाया था, लेकिन तब भी कोई बड़ी कार्यवाही की गई।

रजत बंसल, आयुक्त, नगर-निगम, रायपुर

अभिषेक वर्मा, एएसपी, ट्रैफिक पुलिस