
अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक (Photo Patrika)
Amit Shah in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बस्तर में मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक हुई है। इसमें साइबर अपराध और मिलावटखोर के खिलाफ सख्ती बरतने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई है। शाह ने बैठक में शामिल छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से कहा, वे केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें। उन्होंने यह भी कहा, मिलावटखोरी के मामलों में जो केस रजिस्टर्ड होता है और पेनल्टी लगती है तो उसकी प्रसिद्धि की भी व्यवस्था करनी चाहिए। इससे जनता को पता चलेगा कि दोषी दुकानों पर मिलावट वाली चीजें मिलती हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। शाह ने कहा, पॉस्को और दुष्कर्म के मामलों में अगर समय से डीएनए जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50 फीसदी ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए। हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाओं में हितग्राहियों के खाते में राशि ट्रांसफर होती है।
शाह ने कहा, आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए।
शाह ने नक्सलमुक्त अभियान के लिए सीएम विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा को सरहाना की। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया। जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने नेतृत्व भी प्रदान किया। इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।
Published on:
20 May 2026 11:48 am
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