
Ration Card: जिले के 1 लाख 78 हजार से ज्यादा हितग्राहियों द्वारा गलत आधार नंबर देकर सालों से पीडीएस का सस्ता चावल लिए जाने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल वन नेशन-वन राशनकार्ड योजना के तहत राशन की पात्रता प्रमाणित करने के लिए राशन कार्डों के साथ हितग्राहियों के आधार नंबरों की सीडिंग अनिवार्य कर दिया गया है। एक साल पहले से इसके लिए मुहिम चलाई जा रही है और अब तक पांच बार मियाद बढ़ाकर मौका दिया जा चुका है, फिर भी ये हितग्राही आधार सत्यापन के लिए ई-केवाईसी कराने नहीं आ रहे हैं।
प्रदेश में वन नेशन-वन राशन कार्ड व्यवस्था लागू है। इसमें हितग्राहियों के आधार प्रमाणीकरण से पात्रता के आधार राशन वितरण व पोर्टेबिलिटी के उपयोग से देश के किसी भी राशन दुकान से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। पूर्व में संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण द्वारा जिले के 16 लाख 66 हजार 941 हितग्राहियों के आधार नंबर का सत्यापन कराया गया था। इसमें केवल 12 लाख 93 हजार 497 आधार सही पाए गए थे। शेष 3 लाख 74 हजार 595 आधार नंबर गलत पाए गए थे। इसके बाद जिले के सभी हितग्राहियों के आधार नंबर लेकर दोबारा सत्यापन का फैसला किया गया था। इसी के तहत आधार नंबरों का सत्यापन कराया जा रहा है।
खाद्य विभाग ने वर्ष 2018 में ऐसी ही गड़बड़ी के कारण 99 हजार नाम पात्रता की सूची से डिलिट किए थे। आधार सीडिंग के बाद विशेष सॉटवेयर के माध्यम से जांच में एक ही आधार नंबर को एक से अधिक नामों के साथ सीडिंग करा लेने के मामले सामने आए थे। इसके बाद इनकी जांच कराई गई थी। इसमें ये हितग्राही वास्तविक आधार नंबर जमा नहीं करा पाए या दिए गए पते पर नहीं मिले थे।
हितग्राहियों की पात्रता प्रमाणित करने के लिए खाद्य विभाग द्वारा पिछले तीन से चार सालों से आधार नंबर मांगा जा रहा है। इसके बाद भी जिले के 495 हितग्राही अब तक आधार नंबर नहीं दे पाए हैं। जिले में इस समय कुल 4 लाख 85 हजार 772 राशनकार्ड चल रहे हैं। इनमें 17 लाख 11 हजार 657 हितग्राहियों के नाम शामिल है। इनमें से 17 लाख 11 हजार 162 ने आधार नंबर जमा कराया है।
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की संपूर्ण व्यवस्था 5 से 6 सालों से पूरी तरह आनलाइन है। इस व्यवस्था के तहत 4 से 5 सालों से आधार नंबर से पात्रता प्रमाणित कर राशन दिया जा रहा था। वन नेशन-वन राशन कार्ड की व्यवस्था से पहले तक परिवार के सभी सदस्यों के बजाए किसी भी एक सदस्य का आधार के प्रमाणीकरण पर सभी भी पात्रता मानकर राशन दिया जा रहा था। यह क्रम अब भी चल रहा है।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पीडीएस के सभी हितग्राहियों के नए राशनकार्ड बनवाए जा रहे हैं, लेकिन जिले के 61 हजार 857 परिवारों ने अब तक राशनकार्ड का नवीनीकरण नहीं कराया है। इन परिवारों को अभी पुराने राशनकार्ड से ही राशन दिए जा रहे हैं। इन परिवारों को भी नया राशनकार्ड बनाने कहा गया है।
वन नेशन - वन राशन कार्ड की व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक हितग्राही का आधार प्रमाणीकरण आवश्यक है। ऐसे में जिनके आधार त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, उन्हें भविष्य में राशन लेने में दिक्कत हो सकती है। इसे देखते हुए संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण द्वारा परिपत्र जारी कर 31 अक्टूबर तक ई-केवाईसी के लिए कहा गया है।
Updated on:
14 Oct 2024 01:31 pm
Published on:
14 Oct 2024 01:31 pm
