
CG Ration Card: शहर से लगे कन्हारपुरी वार्ड में शासकीय राशन दुकान में लोगों को मिलने वाले चावल में एक-एक किलो कटौती करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव में बंदर प्रवेश न करे इसके लिए रखवार लगाया गया है, उसे मेहनताना देने के लिए ही सभी वार्डवासियों की अनुमति से वार्ड की आदर्श विकास समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया है, लेकिन कुछ वार्डवासी इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन गांव में कार्रवाई की डर से वे इस तुगलकी फरमान का विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
पार्षद महेश साहू ने बताया कि वार्ड में बंदरों को आतंक मचा हुआ था। आदर्श विकास समिति के पदाधिरियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर बंदर रखवार लगाने का निर्णय लिया। अत्यंत गरीब एक सदस्य वाले राशन कार्ड को छोड़कर सभी से एक-एक किलो चावल लेने का निर्णय लिया गया। चावल से तकरीबन 20 हजार रुपए की आवक होती है, जिसमें से बंदर रखवार को 13 हजार रुपए मेहनताना दिया जाता है, शेष राशि को वार्ड विकास और जनहित के कार्य में खर्च की जा रही है। समिति द्वारा इसका पूरा हिसाब रखा जा रहा है।
बड़ा सवाल यह कि बंदर रखवार को देने के लिए गांवों में प्रत्येक घर चंदा किया जा सकता है या फिर इसके लिए कोई अन्य उपाय भी किया जा सकता है, लेकिन शासकीय राशन दुकान से मिलने वाले चावल को पूरा देने के बजाए काटकर देना कहां तक उचित है। शासकीय राशन की कटौती करने का अधिकार वार्ड विकास समिति को कैसे मिल गई।
मिली जानकारी अनुसार कन्हारपुरी वार्ड में तकरीब 1200 राशन कार्डधारी परिवार हैं। कुछ लोगों को छोड़कर सभी कार्ड से एक-एक किलो चावल लेने की बात कही जा रही है। यदि एक हजार कार्ड से एक-एक किलो चावल लिया जा रहा है, तो 10 क्विंटल चावल हर महीने एकत्रित किया जा रहा है, जिसे 28 से 30 रुपए क्विंटल में बेचने पर 28 से 30 हजार रुपए हर महीने एकत्रित हो रहे हैं।
Updated on:
12 Oct 2024 02:12 pm
Published on:
12 Oct 2024 02:12 pm
