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12 एकड़ में राजभवन नवा रायपुर में, पुराने में 21 लाख की स्वीमिंग पूल। जानिए क्या है पूरा खेल

रायपुर. शहर से जिस पुराने राजभवन को नवा रायपुर में शिफ्ट किया जाना है, उसी में पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने लाखों रुपए का स्वीमिंग बनाने का प्लान बना डाले।

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12 एकड़ में राजभवन नवा रायपुर में, पुराने में 21 लाख की स्वीमिंग पूल। जानिए क्या है पूरा खेल

12 एकड़ में राजभवन नवा रायपुर में, पुराने में 21 लाख की स्वीमिंग पूल। जानिए क्या है पूरा खेल

आनन-फानन में इतनी फुर्ती दिखाई कि 21 लाख रुपए का टेंडर भी जारी कर दिया। एस्टीमेट को मंजूरी देने में देर नहीं की। सवाल उठने लगा कि जब नवा रायपुर में करोड़ों रुपए में राजभवन बन रहा है तो पुराने में लाखों रुपए फूंकने की क्या इतनी जल्दी आन पड़ी। यह मामला अब गरमाता जा रहा है।

नवा रायपुर में करोड़ों रुपए की लागत से नया राजभवन बन रहा है। सीएम हाउस के साथ ही पिछले दो साल से राजभवन का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। नया राजभवन बनकर तैयार हो जाने पर पुराना राजभवन नवा रायपुर में शिफ्ट हो जाएगा। इससे पहले लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने पुराने राजभवन में 21 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल बनाने का प्लान तैयार कर दिया। इसके लिए ऑनलाइन निविदा भी जारी कर दी है। टेंडर फार्म जमा करने की आखिरी तारीख १४ मार्च तय की गई है।

विभाग के सूत्रों के अनुसार लोक निर्माण विभाग के डिवीजनों में मनमानी तरीके से काम चल रहा है। जिन अफसरों की जिम्मेदारी एेसे कामों को रोकने की है, वही आनन-फानन में बजट की राशि खर्च करने का प्लान बनवा रहे हैं, ताकि मार्च से पहले अधिकांश एस्ट्रीमेंट को स्वीकृति दे दी जाए। यह उसी का नतीजा है कि पुराने राजभवन में लाखों रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल बनाने के लिए टेंडर जारी किया है। ताकि राजभवन के मद में उस राशि को रखा जा सके। जबकि विभाग के हर छोटे से बड़े इंजीनियर को यह पता है कि शहर का पुराना राजभवन एक से डेढ़ साल के अंदर नवा रायपुर में होगा।

एस्ट्रीमेट को आनन-फानन में दी स्वीकृति

राजभवन के मेंटेनेंस, रख-रखाव, लाइटिंग और समय-समय पर निर्माण कराना पीडब्ल्यूडी के डिवीजन नंबर २ के अंतर्गत आता है। डिवीजन के कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता यह जानते हुए कि पुराना राजभवन नवा रायपुर में शिफ्ट होने वाला है। इसके बावजूद बिना किसी प्लानिंग के सब इंजीनियर और एसडीओ से 21 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार करवाया और स्वीमिंग पुल बनाने के प्लान पर मुहर लगा दी। इस प्रक्रिया में देर नहीं लगी।

सर्किट हाउस था राज्य बनने पर बना राजभवन

छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले जो सर्किट हाउस था, उसे राजभवन का स्वरूप दिया गया। उसी में राज्यपाल अभी रह रहे हैं। वहीं, सिविल लाइन में कलेक्टर बंगले को सीएम हाउसके रूप में तैयार किया गया, जहां मुख्यमंत्री रहते हैं। इन दोनों भवनों को उस लायक तैयार करने में काफी राशि उस वक्त खर्च हुई थी। अब साल-डेढ़ के अंदर ये दोनों वीवीआईपी नवा रायपुर में रहने लगेंगे।

500 करोड़ का पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो रहा

नवा रायपुर में राजभवन, सीएम हाउस तथा मंत्रियों और अफसरों के बंगले तैयार हो रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर ५०० करोड़ रुपए खर्च होने जा रही है। 7.5 एकड़ में सीएम हाउस और 12 एकड़ में राजभवन बन रहा है। जहां सर्वसुविधायुक्त राज्यपाल के निवास के साथ ही उस परिसर में राजभवन सचिवालय और भव्य सभागार का निर्माण चल रहा है।

2023 मक की डेडलाइन तय

कोरोना लॉकडाउन के कारण नवा रायपुर में राजभवन, सीएम हाउस का निर्माण भी काफी प्रभावित हुआ है। अभी हाल ही में पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इन कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने कहा कि सीएम हाउस दिसंबर 2022 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। जबकि राजभवन का काम 2023में पूरा होगा। उनकी इस घोषणा को सप्ताहभर नहीं बीता कि विभाग अफसरों ने पुराने राजभवन में 21 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल बनाने का टेंडर स्वीकृत कर दिया।

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नवा रायपुर में राजभवन का निर्माण तेजी से चल रहा है। अगले साल तक तैयार हो जाएगा। अभी पुराने राजभवन में ही 21 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल बनाने का टेंडर जारी किया है। राजभवन शिफ्ट हो जाने के बाद भी तो वह काम आएगा।

विजय सिंह कोर्राम, अधीक्षण अभियंता, क्रमांक १ पीडब्ल्यूडी

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